Hyundai Connected Cars: हुंडई की बड़ी तैयारी, 2030 तक 20 लाख कनेक्टेड कारें बेचने का लक्ष्य

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Hyundai Connected Cars: हुंडई मोटर इंडिया लिमिटेड ने भारत में जुड़ी हुई कारों के बढ़ते चलन को देखते हुए बड़ा लक्ष्य तय किया है. कंपनी की योजना वर्ष 2030 तक कुल 20 लाख कनेक्टेड कारें बेचने की है. कंपनी के मुताबिक, फिलहाल भारतीय सड़कों पर हुंडई की 8 लाख से ज्यादा कनेक्टेड कारें मौजूद हैं. वहीं, वर्ष 2027 तक कंपनी ने 10 लाख कनेक्टेड कारों की बिक्री का लक्ष्य रखा है.

कंपनी का कहना है कि उसकी कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित जुड़ी हुई कार तकनीक ‘हुंडई ब्लूलिंक’ को ग्राहकों से मिल रही प्रतिक्रिया इस लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभा सकती है. हुंडई मोटर इंडिया के अनुसार, मजबूत वाहन पोर्टफोलियो के दम पर कंपनी 2030 तक 20 लाख कनेक्टेड कारों का आंकड़ा पार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है.

ब्लूलिंक में 70 से ज्यादा सुविधाएं

हुंडई की ब्लूलिंक तकनीक में सुरक्षा और सुविधा से जुड़ी 70 से ज्यादा सुविधाएं दी गई हैं. इनमें वाहन की दूर से निगरानी, वाहन की स्थिति की जांच, स्थान की जानकारी, यात्रा का इतिहास, दूर से वाहन को नियंत्रित करने की सुविधा, हुंडई पे के जरिए वाहन के अंदर भुगतान, डिजिटल चाबी, डिजिटल पासपोर्ट, दूर से वाहन को निष्क्रिय करने की सुविधा और घर से कार तक जुड़ाव जैसी सुविधाएं शामिल हैं. कंपनी के मुताबिक, ब्लूलिंक पांच भाषाओं में 450 से ज्यादा कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित आवाज वाले आदेशों को भी समझने में सक्षम है. इससे वाहन चालकों को कई जरूरी सुविधाओं को आवाज के जरिए संचालित करने में मदद मिलती है.

आने वाली इलेक्ट्रिक एसयूवी में मिलेगी जुड़ी हुई कार तकनीक

हुंडई मोटर इंडिया ने बताया कि उसकी आने वाली आम ग्राहकों के लिए बनाई जा रही इलेक्ट्रिक एसयूवी के सभी संस्करणों में अगली पीढ़ी की जुड़ी हुई कार तकनीक मानक रूप से उपलब्ध होगी. कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी तरुण गर्ग ने कहा कि जुड़ी हुई और इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक का मेल मजबूत करना कंपनी की दिशा में एक अहम कदम है. इससे ग्राहकों को भविष्य के अनुरूप वाहन स्वामित्व का अनुभव देने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि जुड़ी हुई गाड़ियों को तेजी से अपनाया जाना ग्राहकों की बदलती उम्मीदों और वाहन क्षेत्र को नया रूप देने में तकनीक की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है.

2019 में वेन्यू से हुई थी शुरुआत

हुंडई ने भारत में ब्लूलिंक तकनीक की शुरुआत वर्ष 2019 में हुंडई वेन्यू के साथ की थी. इसके बाद कंपनी ने लगातार इसमें नई सुविधाएं जोड़ीं. वर्ष 2020 में इसमें दूर से नक्शा अपडेट करने की सुविधा जोड़ी गई, जबकि 2022 में अगली पीढ़ी की वाहन मनोरंजन और जुड़ी हुई तकनीक पेश की गई. वर्ष 2025 में कंपनी ने नियंत्रक के दूर से अद्यतन होने की क्षमता के साथ जुड़ी हुई कार नेविगेशन व्यवस्था पेश की. कंपनी के अनुसार, यह भारत के लिए उसके सॉफ्टवेयर आधारित वाहन रोडमैप की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था.

5 लाख से ज्यादा वाहन मालिकों को मिली मदद

हुंडई के अनुसार, ब्लूलिंक की आपातकालीन और सड़क किनारे सहायता सेवाओं के जरिए अब तक 5 लाख से ज्यादा वाहन मालिकों की मदद की जा चुकी है. कंपनी ने बताया कि इस तकनीक ने करीब 15 हजार दुर्घटना सूचना मामलों में भी सहायता की है. इसके अलावा वाहन को खोजने और वापस हासिल करने के प्रयासों में कानून लागू करने वाली एजेंसियों को भी ब्लूलिंक के जरिए मदद मिली है. कंपनी का कहना है कि जुड़ी हुई कार तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ वाहन सुरक्षा, सुविधा और आपातकालीन सहायता से जुड़ी सेवाओं का दायरा भी लगातार बढ़ रहा है.

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