IMF रिपोर्ट: दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना भारत, 2026 में वैश्विक GDP में 17% योगदान

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन कर रही है. मजबूत आर्थिक वृद्धि के साथ देश के पूंजी बाजार में भी बड़े संरचनात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के मुताबिक वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रही. वहीं वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था करीब 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी है.


दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था

जब कई बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं नीतिगत अनिश्चितताओं के कारण अपनी विकास दर के अनुमान घटा रही हैं, उस समय भारत की अर्थव्यवस्था लगातार आगे बढ़ रही है. IMF के अनुसार भारत इस समय दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है. वहीं चीन की विकास दर करीब 4.8 प्रतिशत रहने का अनुमान है.


पूरे साल 6.6% रह सकती है विकास दर

IMF का अनुमान है कि पूरे वर्ष के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर करीब 6.6 प्रतिशत रह सकती है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि अमेरिका लंबे समय तक टैरिफ जैसी नीतियां लागू रखता है, तब भी भारत की आर्थिक वृद्धि मजबूत बनी रह सकती है.


वैश्विक जीडीपी वृद्धि में भारत का बड़ा योगदान

IMF के अनुसार 2026 में वैश्विक जीडीपी वृद्धि में भारत का योगदान करीब 17 प्रतिशत तक हो सकता है. इससे भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखेगा. IMF की सूची के अनुसार वैश्विक वृद्धि में अमेरिका का योगदान करीब 9.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है. इसके अलावा इंडोनेशिया 3.8 प्रतिशत, तुर्की 2.2 प्रतिशत, सऊदी अरब 1.7 प्रतिशत और वियतनाम 1.6 प्रतिशत योगदान दे सकते हैं. वहीं नाइजीरिया और ब्राजील का योगदान करीब 1.5 प्रतिशत रहने की संभावना है.


पूंजी बाजार में दिख रहा बदलाव

भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था का असर देश के पूंजी बाजार में भी साफ दिखाई दे रहा है. घरेलू म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने 2025 में अपने एसेट बेस में करीब 14 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की. इसके बाद नवंबर 2025 तक कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर रिकॉर्ड 81 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया.


एसआईपी निवेश भी पहुंचा रिकॉर्ड स्तर पर

साल 2025 में सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए निवेश भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. 2025 में एसआईपी के माध्यम से कुल निवेश करीब 3.34 लाख करोड़ रुपए रहा. जबकि 2024 में यह 2.68 लाख करोड़ रुपए और 2023 में करीब 1.84 लाख करोड़ रुपए था.


घरेलू निवेशकों की बढ़ती भागीदारी

पहले भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों का ज्यादा प्रभाव होता था. लेकिन अब घरेलू निवेशकों की भागीदारी तेजी से बढ़ रही है, जिससे बाजार की संरचना में बदलाव आ रहा है. हालांकि भारत में अभी भी केवल 15 से 20 प्रतिशत परिवार ही शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं. इसके मुकाबले अमेरिका में यह भागीदारी 50 से 60 प्रतिशत तक है. इससे साफ है कि भारत में घरेलू निवेश के विस्तार की अभी काफी संभावनाएं मौजूद हैं.

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