India Export Data: वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता के बावजूद भारत के निर्यात क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया है. वाणिज्य मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से जून 2026 के दौरान देश का कुल निर्यात (वस्तु और सेवा) सालाना आधार पर 11.37 प्रतिशत बढ़कर 232.73 अरब डॉलर पर पहुंच गया. यह बढ़ोतरी ऐसे समय में दर्ज हुई है, जब दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्थाएं दबाव का सामना कर रही हैं.
वस्तु निर्यात में दर्ज हुई मजबूत बढ़ोतरी
मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में वस्तु (मर्चेंडाइज) निर्यात बढ़कर 129.32 अरब डॉलर रहा. पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 111.57 अरब डॉलर था. हालांकि, इस दौरान वस्तु व्यापार घाटा (मर्चेंडाइज ट्रेड डेफिसिट) भी बढ़कर 86.86 अरब डॉलर हो गया, जबकि एक वर्ष पहले इसी अवधि में यह 68.75 अरब डॉलर था.
सेवा निर्यात भी बढ़ा
अप्रैल-जून 2026-27 के दौरान सेवा (सर्विसेज) निर्यात का अनुमानित मूल्य 103.41 अरब डॉलर रहा. पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 97.41 अरब डॉलर था. इसी अवधि में सेवा व्यापार अधिशेष (सर्विसेज ट्रेड सरप्लस) भी बढ़कर 49.43 अरब डॉलर हो गया, जो एक साल पहले 47.90 अरब डॉलर था. यह दर्शाता है कि सेवा क्षेत्र भी भारत की निर्यात वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है.
जून में भी निर्यात की रफ्तार रही तेज
जून 2026 के दौरान वस्तु निर्यात 40.41 अरब डॉलर दर्ज किया गया, जबकि जून 2025 में यह 34.98 अरब डॉलर था. वहीं, सेवा निर्यात का अनुमानित मूल्य जून 2026 में 33.03 अरब डॉलर रहा, जो जून 2025 के 32.11 अरब डॉलर से अधिक है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून 2026-27 के दौरान गैर-पेट्रोलियम (नॉन-पेट्रोलियम) निर्यात 106.30 अरब डॉलर रहा. पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 94.54 अरब डॉलर था. इस तरह गैर-पेट्रोलियम निर्यात में 12.44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.
इन क्षेत्रों ने बढ़ाया निर्यात
रिपोर्ट के अनुसार, जून 2026 में कई प्रमुख क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन ने वस्तु निर्यात को गति दी. इनमें सबसे अधिक योगदान रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग उत्पाद, जैविक और अकार्बनिक रसायन, इलेक्ट्रॉनिक सामान और चावल के निर्यात का रहा. आंकड़ों के मुताबिक, रत्न एवं आभूषण का निर्यात जून 2025 के 1.79 अरब डॉलर से बढ़कर जून 2026 में 2.41 अरब डॉलर हो गया. इस श्रेणी में 34.64 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई.
इंजीनियरिंग और इलेक्ट्रॉनिक सामान की मांग बढ़ी
इंजीनियरिंग उत्पादों का निर्यात 20.74 प्रतिशत बढ़कर 9.51 अरब डॉलर से 11.48 अरब डॉलर पहुंच गया. वहीं, जैविक और अकार्बनिक रसायनों का निर्यात 19.42 प्रतिशत बढ़कर 2.32 अरब डॉलर से 2.77 अरब डॉलर हो गया. इसके अलावा, इलेक्ट्रॉनिक सामान का निर्यात भी 18.93 प्रतिशत बढ़कर जून 2025 के 4.14 अरब डॉलर से बढ़कर जून 2026 में 4.93 अरब डॉलर पर पहुंच गया.
चावल के निर्यात में भी बढ़ोतरी
जून 2026 के दौरान चावल के निर्यात में भी अच्छी वृद्धि दर्ज की गई. आंकड़ों के अनुसार, चावल का निर्यात 16.48 प्रतिशत बढ़कर जून 2025 के 0.86 अरब डॉलर से बढ़कर जून 2026 में 1.00 अरब डॉलर हो गया. वाणिज्य मंत्रालय के ताजा आंकड़े बताते हैं कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत का निर्यात क्षेत्र लगातार मजबूती दिखा रहा है. वस्तु और सेवा दोनों क्षेत्रों में दर्ज हुई बढ़ोतरी आने वाले महीनों में देश के विदेशी व्यापार को और मजबूती देने की दिशा में सकारात्मक संकेत मानी जा रही है.
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