भारत में मोबाइल नेटवर्क ट्रैफिक 2025 से 2030 के बीच सालाना 17% बढ़ने का अनुमान: Report

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Telecom Market India: भारत में मोबाइल नेटवर्क ट्रैफिक तेजी से बढ़ने की उम्मीद है. केपीएमजी इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 से 2030 के बीच देश में मोबाइल नेटवर्क ट्रैफिक सालाना लगभग 17% की दर से बढ़ सकता है. वहीं, दूरसंचार ऑपरेटरों के राजस्व में इसी अवधि के दौरान सालाना 2.7% की वृद्धि का अनुमान है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत में दूरसंचार उपकरणों का बाजार FY32 तक बढ़कर करीब 50 अरब डॉलर हो सकता है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत में दूरसंचार उपकरणों का बाजार FY25 में लगभग 25 अरब डॉलर का था.

इसके वित्त वर्ष 2032 तक दोगुना होने का अनुमान है. देश में इस क्षेत्र की वृद्धि वैश्विक बाजार की तुलना में करीब दोगुनी रफ्तार से हो रही है. बढ़ते मोबाइल नेटवर्क ट्रैफिक, डिजिटल सेवाओं के विस्तार और नई तकनीकों के इस्तेमाल से दूरसंचार क्षेत्र में निवेश और विनिर्माण के नए अवसर पैदा हो रहे हैं.

मोबाइल हैंडसेट उत्पादन में भारत की बड़ी क्षमता

केपीएमजी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने दूरसंचार और मोबाइल विनिर्माण के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर उत्पादन क्षमता विकसित की है. FY26 में देश में मोबाइल हैंडसेट का उत्पादन 6,270 अरब रुपये तक पहुंच गया. वहीं, दूरसंचार उपकरणों के आयात के स्थान पर घरेलू उत्पादन की हिस्सेदारी लगभग 60% हो गई है. यह आंकड़ा देश में स्थानीय विनिर्माण क्षमता के विस्तार को दर्शाता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत अब केवल दूरसंचार सेवाओं और कनेक्टिविटी तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक प्रौद्योगिकी मूल्य श्रृंखला में अपनी भूमिका मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.

AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से बढ़ेंगे अवसर

केपीएमजी इंडिया में पार्टनर और क्लाइंट्स एंड मार्केट्स तथा टेक्नोलॉजी, मीडिया एंड टेलीकम्युनिकेशंस के राष्ट्रीय प्रमुख अखिलेश टुटेजा ने कहा कि दूरसंचार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, क्लाउड और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का एकीकरण वैश्विक प्रौद्योगिकी क्षेत्र में मूल्य सृजन के तरीके को बदल रहा है. उन्होंने कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था अब कनेक्टिविटी से आगे बढ़कर इंटेलिजेंस आधारित व्यवस्था की ओर विकसित हो रही है. ऐसे में भारत के पास वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण तकनीकों, प्लेटफॉर्म और बौद्धिक संपदा (IP) का निर्माता बनने का अवसर है. इस क्षमता को हासिल करने के लिए नवाचार, उन्नत विनिर्माण और विभिन्न क्षेत्रों के बीच सहयोग में लगातार निवेश करना जरूरी होगा.

कनेक्टिविटी से आगे बढ़ रहा दूरसंचार क्षेत्र

रिपोर्ट के अनुसार, दूरसंचार उद्योग अब केवल लोगों और उपकरणों को नेटवर्क से जोड़ने तक सीमित नहीं रह गया है. यह तेजी से एक व्यापक और बुद्धिमान डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम में बदल रहा है. AI, दूरसंचार नेटवर्क, सेमीकंडक्टर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सेवाओं के बीच बढ़ता तालमेल नवाचार और आर्थिक मूल्य सृजन के नए अवसर पैदा कर रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि दूरसंचार क्षेत्र ऐसे दौर में प्रवेश कर रहा है, जहां कनेक्टिविटी, AI इंफ्रास्ट्रक्चर और औद्योगिक क्षमता एक-दूसरे पर अधिक निर्भर हो रहे हैं.

भारत ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और विनिर्माण में अपनी क्षमता साबित की है, लेकिन विकास के अगले चरण में सेमीकंडक्टर, सॉफ्टवेयर, रेडियो सिस्टम, ऑप्टिकल टेक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा जैसे उच्च मूल्य वाले क्षेत्रों में भागीदारी बढ़ानी होगी. इससे वैश्विक प्रौद्योगिकी बाजार में भारत की स्थिति और मजबूत हो सकती है.

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