2024-25 की चौथी तिमाही में भारत की GDP विकास दर 7.2% रहने का अनुमान: Report

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
कृषि क्षेत्र (Agriculture sector) में सुधार और शुद्ध परोक्ष कर संग्रह में तेज बढ़ोतरी से FY24-25 की चौथी तिमाही में देश की GDP विकास दर 7.2% रहने का अनुमान है. यह बात बार्कलेज द्वारा जारी एक रिपोर्ट में कही गई है. बार्कलेज की भारत में मुख्य अर्थशास्त्री आस्था गुडवानी (Aastha Gudwani) ने कहा, फसल उत्पादन के अग्रिम अनुमान से संकेत मिलते हैं कि कृषि क्षेत्र में साल-दर-साल आधार पर सुधार होना चाहिए. हमें चौथी तिमाही में कृषि जीवीए के 5.8% की दर से बढ़ने का अनुमान है् तीसरी तिमाही में इसकी विकास दर 5.6% रही थी.

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा ?

इस बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने सोमवार को घोषणा की थी कि देश का अनाज उत्पादन 2024-25 में 104 लाख टन बढ़कर 1,663.91 लाख टन पर पहुंच गया है, जो 6.83% की वृद्धि को दर्शाता है. उन्होंने आगे कहा, 2023-24 में रबी फसल का उत्पादन 1,600.6 लाख टन था, जो अब 1,645.27 लाख टन हो गया है. बार्कलेज का अनुमान है कि परोक्ष कर संग्रह में तेज वृद्धि के कारण चौथी तिमाही में जीडीपी विकास दर 7.2% रहेगी. उन्‍होंने कहा कि पूरे वित्त वर्ष के लिए विकास दर 6.4% रहने का अनुमान है. परोक्ष कर संग्रह में तेजी विनिर्माण एवं सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में मजबूती का संकेत देती है.
इससे पहले, मूडीज रेटिंग्स ने 2025 में भारत की विकास दर 6.3% रहने का अनुमान व्यक्त किया था और कहा था कि 2026 में यह और बढ़कर 6.5% पर पहुंच जाएगी. मूडी का अनुमान, IMF के अनुमान के करीब है, जिसने अपने अप्रैल अपडेट में 2025 में भारत के विकास दर के 6.2% पर रहने की बात कही है. हालांकि, बार्कलेज और मूडीज दोनों के विकास अनुमान केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) द्वारा जारी 6.5% के अनुमान से कम हैं.
सीएसओ ने चौथी तिमाही में विकास दर 7.6% रहने की बात कही है. अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2025) में देश की जीडीपी विकास दर 6.4% से 7.2% के बीच और पूरे वित्त वर्ष में 6.3 से 6.4% के बीच रहेगी. आईसीआरए ने चौथी तिमाही के लिए 6.9% और पूरे वित्त वर्ष के लिए 6.3% का विकास अनुमान जारी किया है.
आईसीआरए की मुख्य अर्थशास्त्री अदिति नायर ने कहा, वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही में निजी उपभोग और निवेश गतिविधियों के ट्रेंड में उतार-चढ़ाव रहा। निवेश के मामले में कुछ योगदान टैरिफ से जुड़ी अनिश्चितताओं का भी था. सेवा क्षेत्र के निर्यात में दहाई अंक की वृद्धि दर जारी रही, जबकि वस्तु निर्यात में तीसरी तिमाही की तेजी के बाद गिरावट देखी गई. FY24-25 और चौथी तिमाही के जीडीपी विकास दर के सरकारी आंकड़े 30 मई को जारी होंगे.
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