JD Vance Iran letter: अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर युद्ध भड़कने का खतरा मंडरा रहा है. दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान समझौते के लिए तैयार नहीं हुआ, तो उस पर फिर से हमला किया जा सकता है. इसी बीच, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ट्रंप के निर्देश पर ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई को पत्र भेजा है. इसका मकसद दोनों देशों के बीच बातचीत दोबारा शुरू करने का रास्ता निकालना है.
वहीं, दूसरी ओर, कतर, पाकिस्तान, सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की जैसे देश तनाव कम करने की कोशिश में जुटे हैं. इस बीच ईरान ने भी कहा है कि वह अपनी रक्षा के लिए तैयार है, लेकिन बातचीत का मौका देना चाहता है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि क्या दोनों देश किसी समझौते तक पहुंचेंगे या फिर मिडटर्म चुनावों के बाद ईरान पर नए हमले शुरू हो सकते हैं.
ट्रंप ने दी फिर हमले की चेतावनी
अमेरिका में अगले सप्ताह होने वाले मध्यावधि चुनावों के बाद ईरान पर नए हमलों की आशंका जताई जा रही है. खबरों के मुताबिक, अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र के कई अरब देशों को संभावित सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार रहने को कहा है. बताया जा रहा है कि अमेरिकी सेना हथियारों और गोला-बारूद का भंडार बढ़ा रही है. लड़ाकू विमानों और बमवर्षक विमानों को भी संभावित हमलों के लिए तैयार किया जा रहा है. इसके अलावा, इजरायल की मिसाइलों से सुरक्षा मजबूत करने के लिए अमेरिका एक और पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली भेज रहा है.
ट्रंप ने शुक्रवार को फ्लोरिडा के फोर्ट मायर्स में एक रैली के दौरान कहा था कि अमेरिका ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य अभियान शुरू कर सकता है. उन्होंने कहा कि या तो ईरान समझौते के लिए तैयार होगा या अमेरिका फिर कार्रवाई कर सकता है. एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि मध्यस्थों के जरिए ईरान से बातचीत चल रही है, लेकिन उन्हें नहीं पता कि इसका नतीजा निकलेगा या नहीं. उन्होंने कहा कि अमेरिका को अपना काम पूरा करना है, चाहे वह समझौते से हो या किसी दूसरे तरीके से.
हालांकि, खबरों के मुताबिक ट्रंप ने अभी नए हमलों पर अंतिम फैसला नहीं लिया है. इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि चुनावों के बाद हमला जरूर होगा. फिलहाल अमेरिका की चेतावनियों और सैन्य तैयारियों के बीच बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं.
जेडी वेंस ने ईरान को क्यों भेजा पत्र?
अमेरिकी मीडिया के मुताबिक, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रमुख मोहसेन रेजाई को पत्र भेजा है, जिसके बाद दोनों देशों के अधिकारियों के बीच हुए संपर्क का मकसद बातचीत शुरू करने का रास्ता तैयार करना बताया गया है. फिलहाल, इस दौरान किसी अंतिम शांति समझौते की शर्तें तय नहीं हुई हैं. बता दें कि यह पहल ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच कई महीनों से बातचीत अटकी हुई है. दोनों देशों के बीच पहले भी समझौते की कोशिश हुई थी, लेकिन जुलाई में हालात बिगड़ने के बाद बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी.
कतर समेत पांच देश करा रहे समझौता
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने की कोशिशों में कतर सबसे आगे बताया जा रहा है. वहीं, पाकिस्तान, सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की भी अपनी तरफ से कोशिश कर रहे हैं. खबरों के मुताबिक, कतर के वार्ताकार अली अल-थवाड़ी ने इसी सप्ताह ईरान की राजधानी तेहरान में अधिकारियों से मुलाकात की. इस दौरान दोनों देशों के बीच समझौते की संभावनाओं पर चर्चा हुई. मध्यस्थों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि अमेरिका और ईरान दोनों अपनी-अपनी शर्तों पर अड़े हुए हैं.
इस दौरान अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने एनरिच्ड यूरेनियम के भंडार को छोड़ने पर सहमत हो. दूसरी ओर, ईरान की मांग है कि अमेरिका पहले उसके बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी हटाए और विदेशों में रोके गए उसके धन को जारी करे. ऐसे में मध्यस्थ एक ऐसा रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें दोनों पक्षों को कुछ राहत मिल सके और युद्ध दोबारा शुरू होने से रोका जा सके.