LG Electronics India Custom Duty Notice: एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया लिमिटेड को कस्टम अधिकारियों की ओर से 153.58 करोड़ रुपये की कस्टम ड्यूटी वसूलने के लिए कारण बताओ नोटिस मिला है. कंपनी पर आरोप है कि कुछ आयातित सामानों की मूल्यांकन योग्य कीमत तय करते समय रॉयल्टी भुगतान को शामिल नहीं किया गया. कंपनी ने इसकी जानकारी स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए दी है. यह नोटिस डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस की जांच के बाद जारी किया गया है.
जांच में दावा किया गया कि कुछ आयातित सामानों के मूल्यांकन योग्य मूल्य में रॉयल्टी पेमेंट को शामिल नहीं किया गया था, जिसके चलते कस्टम ड्यूटी में अंतर आया. 22 सितंबर की तारीख वाला यह कारण बताओ नोटिस नवी मुंबई के न्हावा शेवा पोर्ट स्थित कस्टम्स कमिश्नर के कार्यालय से जारी हुआ था. कंपनी को यह नोटिस 24 सितंबर को प्राप्त हुआ.
OLED स्क्रीन के इंपोर्ट पर भी जांच
एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स इंडिया के साथ उसकी प्रमुख प्रतिद्वंद्वी कंपनी सैमसंग भी जांच के दायरे में है. दोनों कंपनियों पर आयात किए गए OLED ग्लास स्क्रीन पर 5 प्रतिशत की रियायती कस्टम ड्यूटी का कथित तौर पर गलत तरीके से दावा करने को लेकर जांच चल रही है. DRI अधिकारियों का मानना है कि 5 प्रतिशत की रियायती कस्टम ड्यूटी आम बाजार में बिकने वाले प्रोडक्ट्स में इस्तेमाल होने वाले पुराने LCD और LED के लिए लागू होती है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, OLED पार्ट्स के मामले में DRI का मानना है कि सैमसंग और एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स को 15 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी का भुगतान करना चाहिए था. वहीं, LG Electronics ने अपने OLED इंपोर्ट से जुड़े अधिकारियों के लिखित सवालों के जवाब भेज दिए हैं. कंपनी ने अधिकारियों के अनुमान के आधार पर कस्टम ड्यूटी में आए अंतर की रकम भी स्वेच्छा से जमा कर दी है.
पहली तिमाही में 27.2% बढ़ा मुनाफा
कस्टम ड्यूटी से जुड़ी कार्रवाई के बीच LG Electronics India के वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे भी सामने आए हैं. अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 27.2 प्रतिशत बढ़कर 653 करोड़ रुपये हो गया. पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 513 करोड़ रुपये था.
कंपनी के मुनाफे में यह बढ़ोतरी गर्मियों के दौरान मजबूत मांग और प्रीमियम प्रोडक्ट्स की बिक्री से हुई. वहीं, अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी की आय 15.5 प्रतिशत बढ़कर 7,233 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की इसी तिमाही में आय 6,262 करोड़ रुपये थी.
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