Make in India Women Employment: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ पहल देश में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दे रही है. उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के तेजी से विस्तार के कारण महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं और देश में मौजूद आईफोन फैक्ट्रियों में एक लाख से अधिक महिलाओं को रोजगार मिला है.
अश्विनी वैष्णव का एक्स पर बयान
अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ पहल महिलाओं को सशक्त बना रही है. इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है. उन्होंने कहा कि कई कारखानों में आधे से अधिक कर्मचारी महिलाएं हैं और अकेले आईफोन फैक्ट्रियों में ही 1 लाख से ज्यादा महिलाएं काम कर रही हैं. उन्होंने यह भी कहा कि महिला कर्मचारी अत्यधिक जटिल सेमीकंडक्टर संयंत्रों में भी अपनी क्षमता साबित कर रही हैं.
आईफोन मैन्युफैक्चरिंग से बढ़े रोजगार
केंद्रीय मंत्री ने अपने पोस्ट के साथ एक लेख भी साझा किया, जिसमें भारत में बढ़ती आईफोन मैन्युफैक्चरिंग और उससे महिलाओं के लिए पैदा हुए रोजगार के अवसरों के बारे में बताया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक एप्पल भारत में फॉक्सकॉन और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के जरिए कुल पांच आईफोन निर्माण इकाइयों का संचालन कर रहा है.
पीक प्रोडक्शन में 1.4 लाख लोगों को रोजगार
इन फैक्ट्रियों में पीक प्रोडक्शन के दौरान करीब 1,40,000 कर्मचारियों को रोजगार मिलता है, जिनमें से लगभग 1,00,000 महिलाएं हैं. रिपोर्ट के अनुसार इनमें से ज्यादातर महिलाओं की उम्र 19 से 24 वर्ष के बीच है और बड़ी संख्या में यह उनकी पहली नौकरी होती है.
कर्मचारियों को दी जाती है विशेष ट्रेनिंग
फैक्ट्रियों में काम शुरू करने से पहले कर्मचारियों को करीब छह सप्ताह की ट्रेनिंग दी जाती है. यह प्रशिक्षण प्लांट संचालित करने वाली कंपनियों द्वारा निशुल्क दिया जाता है ताकि कर्मचारी असेंबली लाइन पर काम शुरू करने से पहले उत्पादन प्रक्रिया की पूरी जानकारी हासिल कर सकें.
भारत में तेजी से बढ़ रहा आईफोन उत्पादन
रिपोर्ट के अनुसार एप्पल ने वर्ष 2025 में भारत में अपने उत्पादन में करीब 53 प्रतिशत की वृद्धि की है. इस दौरान कंपनी ने लगभग 5.5 करोड़ आईफोन यूनिट्स की असेंबली की, जबकि इससे पहले के वर्ष में यह आंकड़ा करीब 3.6 करोड़ यूनिट्स था.
भारत की बढ़ती भूमिका
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका में चीनी उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ से बचने के लिए एप्पल भारत में अपने करीब एक चौथाई फ्लैगशिप प्रोडक्ट्स का उत्पादन कर रहा है. वैश्विक स्तर पर कंपनी हर साल करीब 22 से 23 करोड़ आईफोन का उत्पादन करती है और इसमें भारत की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ रही है.
PLI योजना से मिल रहा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में आईफोन उत्पादन में तेजी के पीछे सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना भी अहम भूमिका निभा रही है. इस योजना के तहत कंपनियों को विनिर्माण बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे देश में निवेश और रोजगार दोनों में तेजी देखने को मिल रही है.
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