मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड को इनकम टैक्स विभाग की ओर से 5,786 करोड़ रुपए की डिमांड वाला ड्राफ्ट असेसमेंट ऑर्डर मिला है. यह आदेश वित्त वर्ष 2022-23 से संबंधित है. कंपनी ने साफ किया है कि इस नोटिस का उसकी वित्तीय स्थिति या ऑपरेशनल प्रदर्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा. कंपनी ने इसे एक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है.
डिस्प्यूट पैनल में जाएगी कंपनी
मारुति सुजुकी ने अपनी रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा कि वह उचित प्रक्रिया के तहत विवाद समाधान पैनल (DRP) के सामने अपनी आपत्तियां दर्ज कराएगी. टैक्स अधिकारियों ने कंपनी की घोषित आय में करीब 57,864 मिलियन रुपए की अतिरिक्त राशि या अस्वीकृति का प्रस्ताव दिया है, जिसके आधार पर यह डिमांड बनाई गई है.
शेयर पर नहीं पड़ा असर
इस खबर के बावजूद कंपनी के शेयर में मजबूती देखने को मिली. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर मारुति सुजुकी का शेयर 1.98 प्रतिशत की तेजी के साथ 13,010 रुपए पर बंद हुआ. कंपनी के अनऑडिटेड तीसरी तिमाही के नतीजों के अनुसार, कुल कर व्यय 10,360 मिलियन रुपए रहा. वहीं कुल बिक्री 6,67,769 मिलियन रुपए और कर पश्चात लाभ (PAT) 37,940 मिलियन रुपए दर्ज किया गया.
बिक्री में स्थिर वृद्धि
वित्त वर्ष 2026 के पहले नौ महीनों में कंपनी ने 14,35,945 यूनिट्स की बिक्री की, जो पिछले साल की तुलना में 3.9 प्रतिशत ज्यादा है. इसमें मिनी, कॉम्पैक्ट, मिडसाइज और यूटिलिटी वाहन शामिल हैं. कंपनी मांग को लेकर सतर्क रूप से आशावादी बनी हुई है. वरिष्ठ कार्यकारी राहुल भारती के अनुसार, चौथी तिमाही में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है और आने वाले समय में ग्रोथ का ट्रेंड और स्पष्ट होगा.
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