Islamabad: आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान में एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है. आर्थिक संकट और वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की अस्थिरता के बीच पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी है. पेट्रोलियम डिवीजन द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (HSD) दोनों के दामों में ताजा संशोधन किया गया है, जो 15 सितंबर से तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है.
ईंधन की कीमतों में यह लगातार छठी बढ़ोतरी
पाकिस्तान सरकार के मौजूदा मूल्य निर्धारण तंत्र के तहत ईंधन की कीमतों में यह लगातार छठी बढ़ोतरी है. पेट्रोल की कीमत में 4.42 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है. इसके साथ ही अब पेट्रोल का नया भाव बढ़कर 380.24 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है. डीजल के दाम में 6.10 रुपये प्रति लीटर का बड़ा इजाफा किया गया है, जिसके बाद डीजल की नई कीमत 409.42 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर निर्धारित की गई है.
कई समीक्षाओं में से एक
हाल के हफ्तों में यह ईंधनों के दामों में लगातार की गई कई समीक्षाओं में से एक है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, माल ढुलाई लागत और सरकारी पेट्रोलियम लेवी के चलते ईंधन के भाव रिकॉर्ड स्तर छू रहे हैं. डीजल के 409 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंचने से माल ढुलाई, कृषि और सार्वजनिक परिवहन की लागत बढ़ना तय है, जिसका सीधा असर रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं और खाद्य पदार्थों की महंगाई पर पड़ेगा.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर
मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति मार्गों पर हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं. अंतरराष्ट्रीय दरों में उतार-चढ़ाव के साथ-साथ सरकार द्वारा घरेलू राजस्व को पूरा करने के लिए पेट्रोल पर 114 रुपये और डीजल पर 100 रुपये प्रति लीटर तक के टैक्स व ड्यूटी वसूले जा रहे हैं. इस बढ़ोतरी से पाकिस्तान की आम जनता पर महंगाई का बोझ और बढ़ गया है, जिससे माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन की लागत में भारी इजाफा होने की आशंका है.
इसे भी पढ़ें. Vilnius: बेलारूस से जुड़े संदिग्ध ड्रोन को नाटो लड़ाकू विमान ने मार गिराया

