आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लोकतंत्रीकरण पर होगा India AI Impact Summit 2026 का फोकस

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

भारत विश्व के प्रमुख एआई आयोजनों में शामिल एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की मेजबानी करने जा रहा है. इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के लोकतंत्रीकरण को बढ़ावा देना है, ताकि समावेशी विकास के साथ नवाचार को भी गति मिल सके. इसकी जानकारी मंगलवार को जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई. बयान में कहा गया है कि किफायती पहुंच, पारदर्शिता और भरोसे को प्राथमिकता देकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एआई के फायदे किसानों, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप्स और सरकारी संस्थानों तक समान रूप से पहुंच सकें.

एआई लोकतंत्रीकरण पर सरकार की स्पष्ट सोच

बयान में सरकार ने कहा कि हमारी सोच स्पष्ट है. एआई का लोकतंत्रीकरण एक बार की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह एक निरंतर प्रतिबद्धता है जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि तकनीकी प्रगति समाजों को सशक्त बनाए, असमानताओं को कम करे और सभी के लिए सतत विकास का समर्थन करे. कई देशों के लिए, विशेष रूप से वैश्विक दक्षिण के देशों के लिए, एआई का लोकतंत्रीकरण बुनियादी संसाधनों जैसे डेटा, कंप्यूटिंग और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर तक निष्पक्ष और किफायती पहुंच पर निर्भर करता है.

वैश्विक सहयोग का बड़ा मंच

इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 वैश्विक सहयोग के लिए एक अहम मंच साबित होगा, जहां 15 से 20 राष्ट्राध्यक्ष, 50 से अधिक अंतरराष्ट्रीय संगठन और 100 से ज्यादा भारतीय व वैश्विक CXO एकत्रित होंगे. इस समिट में विचार-विमर्श विभिन्न कार्य समूहों और संवाद सत्रों के माध्यम से होगा, जो सात आपस में जुड़े विषयगत क्षेत्रों पर केंद्रित रहेंगे. आधिकारिक बयान के अनुसार, इन समूहों में एआई संसाधनों के लोकतंत्रीकरण पर केंद्रित कार्य समूह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है. भारत, मिस्र और केन्या की संयुक्त अध्यक्षता में संचालित यह समूह साझा संसाधनों तक पहुंच, सहयोग और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देकर अधिक संतुलित और समावेशी वैश्विक एआई पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण की दिशा में काम करेगा.

समावेशी और संतुलित एआई पारिस्थितिकी तंत्र की दिशा

समान पहुंच, सहयोग और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देकर, एआई संसाधनों के लोकतंत्रीकरण पर कार्य समूह एक ऐसे भविष्य का समर्थन करता है जहां सभी देश समावेशी विकास और सतत विकास को आगे बढ़ाने वाले तरीकों से एआई का उपयोग कर सकें. एआई के लोकतंत्रीकरण के लिए यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि एआई को शक्ति प्रदान करने वाला मूलभूत ढांचा खुला, किफायती और व्यापक रूप से सुलभ हो. इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन 16 से 20 फरवरी तक भारत मंडपम में किया जाएगा.

ग्लोबल साउथ में पहली वैश्विक एआई समिट

ग्लोबल साउथ में आयोजित होने वाली यह पहली वैश्विक एआई समिट होगी, जो समावेशी विकास, सुशासन और सतत प्रगति के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की परिवर्तनकारी क्षमता को सामने रखेगी. यह सम्मेलन वैश्विक नेताओं, नीति-निर्माताओं, टेक कंपनियों, नवोन्मेषकों और विशेषज्ञों को एक साझा मंच पर लाकर एआई के जिम्मेदार और व्यापक उपयोग पर गहन चर्चा का अवसर प्रदान करेगा.

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