US-Iran Tension: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त आर्थिक पाबंदियों में से एक का ऐलान किया है. अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने चेतावनी दी है कि 23 सितंबर 2026 से दुनिया भर में ईरानी एयरलाइंस का संचालन पूरी तरह बंद हो जाएगा. अमेरिका ने विदेशी कंपनियों और दूसरे देशों को भी स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने ईरानी विमानों को किसी तरह की सुविधा मुहैया कराई, तो उन्हें गंभीर आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है.
स्कॉट बेसेंट के मुताबिक, यदि किसी देश या विदेशी कंपनी ने ईरानी विमानों को ईंधन दिया, लैंडिंग सेवाएं उपलब्ध कराईं या उनके टिकट बेचे, तो उसे अमेरिकी डॉलर और वैश्विक बैंकिंग प्रणाली से बाहर किया जा सकता है. अमेरिका का आरोप है कि ईरान की वाणिज्यिक एयरलाइंस सरकारी और सैन्य गतिविधियों में मदद कर रही हैं. अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि इन विमानों का इस्तेमाल हथियारों और सैनिकों की आवाजाही के लिए किया जा रहा है.
ईरान का दुनिया से हवाई संपर्क होगा प्रभावित!
अमेरिका की इस सख्त चेतावनी के बाद ईरानी एयरलाइंस की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर संकट गहरा सकता है. सेकेंडरी सैंक्शन्स के डर से विदेशी एयरपोर्ट और विमानन सेवा देने वाली कंपनियां ईरानी विमानों को सुविधाएं देने से पीछे हट सकती हैं. ऐसी स्थिति में ईरान का दूसरे देशों के साथ हवाई संपर्क लगभग कट जाने की आशंका जताई जा रही है. अमेरिका की यह घोषणा अमेरिकी ट्रेजरी विभाग की ओर से की गई कार्रवाई के बाद सामने आई है.
विभाग ने 8 सितंबर 2026 को 27 ईरानी एयरलाइंस पर प्रतिबंध लगाने का फैसला लिया था. अमेरिका ने इन एयरलाइंस पर ईरानी सरकार और सैन्य गतिविधियों को समर्थन देने का आरोप लगाया है. अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि इन विमानों के जरिए हथियारों, कर्मचारियों और अवैध सामान की आवाजाही की जा रही है.
किन-किन ईरानी एयरलाइंस पर लगेगा प्रतिबंध?
अमेरिका की ओर से प्रतिबंधों के दायरे में शामिल की गई ईरानी एयरलाइंस में कई प्रमुख नाम शामिल हैं. इनमें ईरान एयर टूर, ईरान आसमान एयरलाइंस, केशम एयर, किश एयरलाइंस, सेपेहरान एयरलाइंस और वारेश एयरलाइंस शामिल हैं.
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने तीन अनुमतियां भी कीं निलंबित
अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने ईरानी एयरलाइंस से संबंधित तीन अनुमतियों को भी निलंबित कर दिया है. ये अनुमतियां कुछ खास ओवरफ्लाइट्स और ईरान जाने वाली उड़ानों में अमेरिका में बने या अमेरिकी नियंत्रण वाले वाणिज्यिक विमानों के इस्तेमाल से जुड़ी थीं. वहीं, विमानन सुरक्षा से संबंधित अनुरोधों की अलग-अलग समीक्षा किए जाने की बात कही गई है. अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते ईरानी विमानन क्षेत्र पर दबाव बढ़ने और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के संचालन में मुश्किलें आने की आशंका है.
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