Volkswagen Taigun: स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने मंगलवार को पुणे स्थित अपने विनिर्माण संयंत्र में अपडेटेड फॉक्सवैगन टाइगुन का उत्पादन शुरू करने का ऐलान किया है. इस कदम से कंपनी की ‘मेक इन इंडिया, फॉर इंडिया एंड द वर्ल्ड’ रणनीति को और मजबूती मिली है. कंपनी का कहना है कि भारत अब केवल घरेलू बाजार नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर एक अहम उत्पादन केंद्र बनता जा रहा है.
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नया डिजाइन और बेहतर फीचर्स
कंपनी के अनुसार, अपडेटेड टाइगुन में नया डिजाइन, बेहतर प्रीमियम सुविधाएं और उन्नत ड्राइविंग अनुभव दिया गया है. इसे खासतौर पर भारतीय सड़कों और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. साथ ही इसमें आराम और सुरक्षा के उच्च मानकों पर विशेष ध्यान दिया गया है.
कंपनी का बयान
कंपनी के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीयूष अरोरा ने कहा, “नई फॉक्सवैगन टाइगुन का उत्पादन शुरू होना भारत में हमारे विनिर्माण तंत्र की परिपक्वता को दर्शाता है.” उन्होंने आगे कहा कि भारत स्थित इकाइयां अब वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी वाहनों के उच्च स्तर के स्थानीय उत्पादन के लिए तैयार हैं, जिससे घरेलू और निर्यात दोनों बाजारों की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा.
एसयूवी रणनीति का अहम हिस्सा
फॉक्सवैगन इंडिया के ब्रांड निदेशक नितिन कोहली ने कहा कि टाइगुन लॉन्च के बाद से ही कंपनी की एसयूवी रणनीति का केंद्र रही है और इसने कंपनी के पोर्टफोलियो को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने यह भी कहा कि चाकन प्लांट में इसका उत्पादन भारतीय ग्राहकों के प्रति कंपनी की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
उत्पादन और निर्यात में मजबूती
2021 में लॉन्च हुई टाइगुन ने प्रदर्शन, आराम और सुरक्षा के दम पर बाजार में अपनी मजबूत पहचान बनाई है. कंपनी के अनुसार, भारत में अब तक 1.43 लाख से अधिक यूनिट्स का उत्पादन किया जा चुका है, जिनमें से लगभग 30 प्रतिशत का निर्यात वैश्विक बाजारों में किया गया है.
भारत में मजबूत मौजूदगी
फॉक्सवैगन समूह भारत में ऑडी, पोर्श, लैम्बोर्गिनी और बेंटले जैसे ब्रांडों का संचालन करता है. कंपनी ने करीब 25 वर्ष पहले भारत में अपने संचालन की शुरुआत की थी और वर्तमान में चाकन और छत्रपति संभाजीनगर में दो विनिर्माण संयंत्र संचालित कर रही है, जिनकी संयुक्त वार्षिक उत्पादन क्षमता 3.15 लाख यूनिट्स है.
रोजगार और नेटवर्क
कंपनी के पास देशभर में लगभग 700 ग्राहक संपर्क केंद्र हैं और करीब 5,000 कर्मचारी कार्यरत हैं. इससे यह स्पष्ट होता है कि कंपनी भारत में अपने नेटवर्क और रोजगार दोनों को लगातार मजबूत कर रही है.
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