Beirut: सोमवार की सुबह इस्राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में एक विशेष ऑपरेशन चलाया. इस ऑपरेशन के दौरान सेना ने सुन्नी इस्लामी समूह ‘अल-जमा अल-इस्लामिया’ के स्थानीय अधिकारी और फिलिस्तीनी हमास समूह के एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया. इस्राइली सैनिक उसे सीमा के पास हेब्बारियेह गांव से पकड़कर पूछताछ के लिए इस्राइल ले गए. सेना ने बताया कि यह कार्रवाई खुफिया जानकारी की मदद से की गई है.
गिरफ्तारी का इस्लामी समूह ने किया विरोध
इस्लामी समूह ‘अल-जमा अल-इस्लामिया’ ने इस गिरफ्तारी का कड़ा विरोध किया है. संगठन ने इसे लेबनान की संप्रभुता का उल्लंघन बताया और लेबनानी सरकार से उसकी रिहाई की मांग करने का आग्रह किया. यह संगठन मुस्लिम ब्रदरहुड की लेबनानी शाखा है. इसकी सशस्त्र इकाई ‘फजर फोर्सेज’ के नाम से जानी जाती है.
अक्टूबर 2023 में इस्राइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से फजर फोर्सेज ने हिजबुल्लाह के साथ मिलकर इस्राइल पर रॉकेट दागे थे. जिसके बारे में उसने कहा कि यह गाजा में हमास के समर्थन में था. मुस्लिम ब्रदरहुड को मध्य पूर्व के कई देशों में आतंकी समूह माना जाता है. पिछले महीने ट्रंप प्रशासन ने भी इसकी लेबनानी, जॉर्डन और मिस्र की शाखाओं को आतंकी संगठन घोषित किया था.
अल-जमा अल-इस्लामिया के नेता मोहम्मद तक्कुश ने इस्राइल-हिजबुल्लाह युद्ध के दौरान स्पष्ट किया कि उनके समूह ने सीरिया और यमन संघर्षों पर हिजबुल्लाह के साथ अपने पुराने मतभेदों को दरकिनार कर दिया है, ताकि इस्राइल के खिलाफ एकजुट होकर लड़ा जा सके. हिजबुल्लाह ने 8 अक्टूबर 2023 को हमास के समर्थन में इस्राइल पर हमले शुरू किए थे.
इसके जवाब में इस्राइल ने पहले संचार उपकरणों (पेजर) को निशाना बनाया, फिर बड़े हवाई हमलों के जरिए हिजबुल्लाह के नेतृत्व (हसन नसरल्लाह सहित) को खत्म कर उसे कमजोर किया. अंततः 1 अक्टूबर 2024 को इस्राइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में जमीनी हमला किया. 14 महीने तक चलने के बाद यह संघर्ष नवंबर 2024 में अमेरिका की मध्यस्थता से हुए सीजफायर के साथ थमा.
क्या बोला इस्राइल?
इसी कार्रवाई के दिन दक्षिणी लेबनान के यानूह गांव में एक इस्राइली ड्रोन ने कार को निशाना बनाया. इस हमले में एक बच्चे सहित तीन लोगों की मौत हो गई. इस्राइल ने फिलहाल इस हमले पर कोई टिप्पणी नहीं की है. नेता की गिरफ्तारी पर इस्राइल का कहना है कि वह ये ऑपरेशन हिज्बुल्लाह के गढ़ों और इस्राइल के खिलाफ खतरों को खत्म करने के लिए कर रहा है. वर्ल्ड बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, इस युद्ध में लेबनान में 4,000 से ज्यादा लोग मारे गए और करीब 11 अरब डॉलर का नुकसान हुआ. वहीं इस्राइल में 80 सैनिकों सहित 127 लोगों की मौत हुई.