Attack On Khan Yunis: इस्राइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने रविवार को कहा कि उसने गाजा पट्टी के खान यूनिस इलाके में अलग-अलग हमलों में हमास की मिलिट्री विंग के एक कमांडर और ग्रुप की ऑब्जर्वेशन यूनिट के एक लड़ाके को मार गिराया है.
बयान में क्या बताया गया?
टेलीग्राम पर एक बयान में आईडीएफ ने कहा कि उसने रविवार को पहले खान यूनिस इलाके में हमला किया. हमास की मिलिट्री विंग के कमांडर मुआद जमाल अबू नुसेरा को ढेर कर दिया. इसमें कहा गया है कि शनिवार को एक अलग हमले में उसने महमूद इब्राहिम डिब अलयान को मार गिराया, जिसे उसने हमास की ऑब्जर्वेशन यूनिट का लड़ाका बताया.
कौन था अलयान?
आईडीएफ के मुताबिक, अलयान की पहचान हाल ही में ‘येलो लाइन’ इलाके में आईडीएफ सैनिकों के खिलाफ गतिविधियों को आगे बढ़ाने और हमास की क्षमताओं को बहाल करने के लिए काम करने वाले व्यक्ति के रूप में हुई थी. आईडीएफ ने कहा कि यह युद्धविराम समझौते का व्यवस्थित उल्लंघन था.
आईडीएफ ने कहा कि हमलों से पहले नागरिकों को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए कदम उठाए गए थे, जिसमें सटीक हथियारों और हवाई निगरानी का इस्तेमाल शामिल था. आईडीएफ ने आगे कहा कि समझौते के अनुसार दक्षिणी कमान के तहत सैनिक इलाके में तैनात हैं और वे उन खतरों के खिलाफ अभियान जारी रखेंगे, जिन्हें उसने ‘तत्काल खतरे’ बताया है.
इससे पहले आईडीएफ ने कहा कि उसने खान यूनिस इलाके में भी हमला किया और साक्र नबील मूसा कैसी को मार गिराया, जिसे उसने हमास का नुखबा लड़ाका बताया. आईडीएफ ने कहा कि कैसी 7 अक्तूबर के नरसंहार के दौरान इस्राइली इलाके में घुस आया था. इसके साथ ही आरोप लगाया कि वह तुर्की संगठन ‘डेनिज फेनेरी’ का डायरेक्टर भी था, जो खुद को मानवीय सहायता संगठन बताता है, लेकिन असल में हमास लड़ाके संगठन के सीनियर नेताओं और तुर्की नेतृत्व के कुछ लोगों के साथ संबंध रखता है.
आईडीएफ ने सगाया आरोप
आईडीएफ ने आरोप लगाया कि कैसी, ‘संगठन में अपनी भूमिका के तहत वह लड़ाके नियमित रूप से कई लड़ाको को काम पर रखने और हमास के लड़ाके को आर्थिक मदद देने का काम करता था. संगठन और उसके वरिष्ठ नेता अपनी गतिविधियों को मानवीय प्रयासों के तौर पर पेश करते हैं, लेकिन असल में वे हमास लड़ाके संगठन की मदद के लिए फंड जुटाने को बढ़ावा देते हैं.’
आईडीएफ ने इस कथित गतिविधि को हमास की सैन्य गतिविधियों में मदद के लिए मानवीय क्षेत्र का गलत इस्तेमाल बताया. आईडीएफ ने कहा कि कैसी ने युद्ध के दौरान उसके सैनिकों और इस्राइली नागरिकों के खिलाफ गतिविधियां तेज की थीं. हमास की क्षमताओं को फिर से बनाने का काम किया था, जिसे उसने युद्धविराम का उल्लंघन बताया है.

