Jaipur Congress Protest: नीट पेपर लीक मामले को लेकर घमासान के बीच गुरुवार को NTA चीफ संसदीय कमेटी के सामने पेश हुए हैं, लेकिन उधर सड़कों पर संग्राम मचा हुआ है. कांग्रेस ने जयपुर में जोरदार प्रदर्शन किया है. प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी दफ्तर की ओर बढ़ने की कोशिश की. इस दौरान पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन जब कांग्रेस कार्यकर्ता नहीं रुके और पुलिस बैरिकेड पर चढ़ गए तो पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा.
कांग्रेस ने बीजेपी दफ्तर की तरफ निकाला मार्च
मालूम हो कि कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आज जयपुर में NEET UG 2026 परीक्षा के पेपर लीक केस के विरोध में BJP दफ्तर की तरफ विरोध मार्च निकाला. इस दौरान पुलिस ने उन्हें रोका तो तीखी झड़प के बीच धक्का-मुक्की हो गई. प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा निकाला और नारेबाजी की.
#WATCH | Jaipur, Rajasthan: Congress leaders and workers staged a protest march towards the BJP Headquarters over the NEET UG 2026 paper leak case. pic.twitter.com/ae96zC3dia
— ANI (@ANI) May 21, 2026
संसद की स्थायी समिति के सामने पेश हुए NTA चीफ
NEET पेपर लीक पर सड़क पर संग्राम मचा है, तो संसदीय समिति भी इस मामले में गंभीर है. NTA के चीफ आज संसद भवन में संसद की स्थायी समिति के सामने पेश हुए हैं. संसदीय समिति ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी तलब किया है. इस समिति के कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह अध्यक्ष हैं. NTA चीफ से ये पूछा जा रहा है कि NEET एग्जाम फुल प्रूफ होने के लिए क्या इंतजाम किए गए थे और इसके बावजूद पेपर कैसे लीक हुआ.
CBI की जांच में हुई कई बड़े खुलासे
मालूम हो कि NEET री-एग्जाम ठीक एक महीने बाद 21 जून को होना है, लेकिन पेपर लीक में CBI की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं. बच्चे को डॉक्टर बनाने की रेस में चुके पैरेंट्स ब्लैंक चेक देते थे, रकम जो चाहे भर लो, लेकिन बेटे के लिए डॉक्टर बनाने वाला पेपर मिल जाए. शिवराज मोटेगांवकर एंड कंपनी पेपर लीक के लिए ब्लैंक चेक लेती थी. कइयों से डॉक्यूमेंट्स भी जमा कराए गए. गारंटी के तौर पर कि पेपर मैच करने के बाद फूल पेमेंट वसूली जा सके.
पांच से 50 लाख तक की डील की गई
कोचिंग सेंटर की आड़ में फुल वसूली का खेल चल रहा था. 5 से 50 लाख तक की डील की गई. पहले सिर्फ टोकन मनी ली जाती थी और फिर एग्जाम में आए पेपर को मैच कराने के बाद पूरी रकम कलेक्ट की जाती थी. कई डॉक्टरों ने अपने बच्चों को सेट करने के लिए पैसे दिए और पिछले 5-6 वर्षों के अंदर लातूर देश में NEET कोचिंग का हब बन गया.
शिवराज मोटेगांवकर 8 एकड़ की जमीन पर अब स्कूल-कॉलेज की बिल्डिंग तैयार कर रहा था. वहीं, लातूर में CBI ने RCC कोचिंग के मालिक शिवराज मोटेगांवकर के बेटे से 10 घंटे की पूछताछ की है. कई संदिग्ध छात्र और पैरेंट्स भी सवाल-जवाब के दायरे में हैं. इस पूरे चेन में कई अहम खुलासे हुए हैं. अब तक इस मामले में मास्टरमाइंड सहित 10 आरोपियों को अरेस्ट किया गया हैं.