नेपालः पूर्व PM केपी ओली की गिरफ्तारी का विरोध, टायर जलाकर समर्थकों ने किया प्रदर्शन

Ved Prakash Sharma
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Nepal Protests: नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी से नाराज सीपीएन-यूएमएल के दर्जनों कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए. अपने पार्टी अध्यक्ष की गिरफ्तारी के विरोध में आक्रोश के बीच टायर जलाकर प्रदर्शन किया.

प्रदर्शनकारियों ने उच्च स्तरीय जांच आयोग की रिपोर्ट को भी आग लगा दी, जिसे पिछले वर्ष सितंबर में हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हुई ज्यादतियों की जांच के लिए गठित किया था, जिसे आमतौर पर Gen-Z विरोध प्रदर्शन के नाम से जाना जाता है.

पुलिस ने ओली को नेपाल भक्तपुर स्थित आवास से गिरफ्तार किया. यह गिरफ्तारी सितंबर 2025 में Gen-Z के नेतृत्व में हुए भ्रष्टाचार-विरोधी प्रदर्शनों को दबाने से जुड़े कथित गैर-इरादतन हत्या के एक मामले के सिलसिले में की गई है.

मालूम हो कि सितंबर 2025 में नेपाल में हुए Gen-Z विरोध प्रदर्शनों के दौरान कुल 77 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि अरबों रुपये की सरकारी और निजी संपत्ति नष्ट हो गई थी. शनिवार की सुबह गिरफ्तार किए गए पूर्व PM ओली को काठमांडू के महाराजगंज स्थित त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

पार्टी मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन 

यह विरोध-प्रदर्शन ललितपुर स्थित पार्टी मुख्यालय में हुई केंद्रीय सचिवालय की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप है. इस बैठक में जन संगठनों को पार्टी की ओर से विरोध-प्रदर्शनों का नेतृत्व करने का निर्देश भी दिया गया था. काठमांडू में जलते हुए टायर के पास खड़े CPN-UML के एक कार्यकर्ता ने कहा कि हम अपनी जान देकर भी इसका बदला लेंगे. यह पूरी तरह से एक राजनीतिक कदम है.

रविवार के लिए कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल-यूनिफाइड मार्क्सवादी लेनिनवादी (CPN-UML) ने दोपहर 12 बजे एक बड़े पैमाने पर प्रदर्शन का आह्वान किया है. जिला पार्टी समितियों द्वारा आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान, मुख्य जिला अधिकारी (CDO) के कार्यालयों में विरोध पत्र सौंपे जाएंगे. पार्टी के सचिवालय की बैठक में पार्टी अध्यक्ष ओली की गिरफ्तारी के खिलाफ कानूनी और राजनीतिक विरोध प्रदर्शन शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है.

बालेन शाह के नेतृत्व वाली नई सरकार ने शुक्रवार को यह फैसला किया कि वह पूर्व न्यायाधीश गौरी बहादुर कार्की की अध्यक्षता वाले जांच आयोग की सिफिरिशों को तत्काल लागू करेगी. इस आयोग ने Gen-Z आंदोलन की घटना की जांच की थी, जिससे इस मामले में नामजद लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है.

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