Smart Lockdown May Be Imposed in Pakistan: ईरान जंग के बीच पूरी दुनिया में तेल का संकट गहरा गया है. इस संकट के कारण पाकिस्तान की हालत खस्ता हो चुकी है. इस क्राइसिस से निपटने के लिए पाकिस्तान में स्मार्ट लॉकडाउन लग सकता है. ऐसी चर्चा है कि शहबाज सरकार लॉकडाउन लगाने पर विचार कर रही है, ताकि मिडिल ईस्ट जंग की वजह से बने देश के हालात बेहतर हो सकें. इस बीच सरकार का एक ड्रॉफ्ट लीक हुआ है, जिसमें स्मार्ट लॉकडाउन के बारे में बताया गया है. हालांकि, पाकिस्तान सरकार का कहना है कि यह ड्रॉफ्ट लीक हुआ था, अभी इस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है.
पहले से महंगाई और कंगाली की मार झेल रहे पाकिस्तान को ईरान जंग की वजह से पैदा हुए तेल और गैस का संकट से बड़ा झटका लगा है. एलपीजी से लेकर पेट्रोल और डीजल की कीमतें तेजी से बढ़ी हैं. इसका असर लोगों की जेब पर पड़ रहा है. ऊर्जा संकट से निपटने के लिए पड़ोसी मुल्क योजना बना रहा है.
पाकिस्तान में एलपीजी के दाम बढ़े
पाकिस्तान में 11.67 किलोग्राम वाले सिलेंडर की कीमत 3900 से 5135 रुपये तक पहुंच चुकी है, पहले यह 3150 से 3950 रुपये थी. आम आदमी से लेकर ट्रांसपोर्ट सेक्टर तक सभी पर इसका असर दिखाई दे रहा है. एलपीजी से चलने वाले रिक्शा, बस या मिनी बस जैसे वाहनों के किराए में भी वृद्धि हुई है, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले निम्न और मिडिल क्लास के लोगों की जेब पर ज्यादा असर पड़ रहा है.
कच्चे तेल का 11 दिन का स्टॉक
पाकिस्तान की सालाना करीब 20 लाख टन एलपीजी की जरूरतों में से 12 लाख टन एलपीजी दूसरे देशों से आती है, जबकि 8 लाख टन एलपीजी की आपूर्ति घरेलू रिफाइनरी के जरिए होती है. हालांकि, इसी महीने 20 हजार टन एलपीजी लेकर तीन जहाज पाकिस्तान पहुंचे, लेकिन यह आपूर्ति मांग के मुकाबले काफी कम है. ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ती जा रही है. हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, देश के पास कच्चे तेल का भंडार केवल 11 दिनों के लिए ही पर्याप्त है.
पाकिस्तान की करीब 70 फीसदी पेट्रोलियम आपूर्ति मिडिल ईस्ट से होती है. पश्चिमी एशिया में छिड़ी जंग के चलते शिपिंग रूट और सप्लाई चेन प्रभावित हुई है. इसका असर पाकिस्तान पर पड़ रहा है. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर एलएनजी की आपूर्ति में बाधा इसी तरह जारी रही, तो 14 अप्रैल के बाद देश को गंभीर गैस संकट का सामना करना पड़ सकता है.