PAK-Afghan War: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लगातार तनाव बढ़ता जा रहा है. पिछले चार दिनों से दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं. सोमवार को अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने बड़ी घोषणा की है. उन्होंने बताया कि अफगान वायुसेना ने पाकिस्तान के कई सैन्य ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए हैं. इस कार्रवाई से दोनों पड़ोसी देशों के बीच हालात और ज्यादा बिगड़ गए हैं.
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक बयान में अफगान रक्षा मंत्रालय ने बताया कि हमले रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर हुए. इसके अलावा बलूचिस्तान के क्वेटा में 12वीं डिवीजन के मुख्यालय और खैबर पख्तूनख्वा की मोहमंद एजेंसी में ख्वाजाई कैंप पर भी बमबारी की गई. तालिबान का दावा है कि उन्होंने पाकिस्तान के कई अन्य जरूरी सैन्य कमांड सेंटरों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है.
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह ऑपरेशन पाकिस्तानी सेना की हालिया घुसपैठ का बदला है. पाकिस्तान ने पिछले दिनों काबुल और बगराम एयरबेस पर हमले किए थे. मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान ने फिर से अफगान हवाई सीमा का उल्लंघन किया या कोई आक्रामक हरकत की, तो उसे और भी कड़ा और निर्णायक जवाब मिलेगा.
यह तनाव तब और बढ़ गया, जब पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ खुली जंग का ऐलान कर दिया. पाकिस्तान ने शुक्रवार को काबुल और कंधार में एयरस्ट्राइक की थीं. इसके कुछ घंटों बाद ही अफगान सेना ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी. रावलपिंडी का नूर खान एयरबेस पाकिस्तान की वायुसेना के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. इसे मई 2025 में भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के समय भी निशाना बनाया गया था. उस हमले में बेस के ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा था.
टोलो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, तालिबान ने रात भर चले हमलों में 32 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया है. रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उनकी 203 मंसूरी, 201 सिलाब और 205 अल-बद्र कॉर्प्स ने इन ऑपरेशनों को पूरा किया. इस दौरान 10 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, 10 घायल हुए और चार सैन्य चौकियां पूरी तरह तबाह हो गईं. अफगान सेना ने पाकिस्तान के दो सैन्य ड्रोन भी मार गिराए हैं.
डिप्टी प्रवक्ता सेदिकुल्लाह नसरत ने बताया कि सेना ने नंगरहार, पक्तिया, खोस्त और कंधार प्रांतों में दुश्मन के खिलाफ लेजर हथियारों और आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया. फिलहाल, इन हमलों के बाद पूरे इलाके में तनाव व्याप्त है.

