Pakistan Political Crisis: इस वक्त पाकिस्तान में हालात कुछ ठीक नहीं चल रहे हैं. एक तरफ तो मक्का पैक्ट को लेकर वो इंटरनेशनल मोर्चे पर फंसा हुआ है, दूसरी ओर अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक कर तालिबान को बदले के लिए उकसा चुका है. इन सबके बीच आंतरिक मोर्चे पर भी हुकूमत का वक्त कुछ अच्छा नहीं चल रहा है. पाकिस्तान में 27 सितंबर को होने वाले PTI के इस्लामाबाद मार्च से पहले सियासी तनाव बढ़ा हुआ है. खबरें हैं कि PTI के खैबर पख्तूनख्वा अध्यक्ष जुनेद अकबर ने सरकार को चेतावनी देते हुए ये तक कह दिया कि हम इस्लामाबाद को सोमनाथ बना देंगे.
जुनेद अकबर ने ये भी कहा कि पार्टी को पता है कि सरकार प्रदर्शन के दौरान गोली चला सकती है, लेकिन इस बार PTI कार्यकर्ता सिर्फ शव लेकर वापस नहीं लौटेंगे. ये बातें उन्होंने पेशावर में एक सभा को संबोधित करते हुए कहीं. यहीं पर उन्होंने ये भी कहा कि, ‘हम इस्लामाबाद को सोमनाथ बना देंगे’. उन्होंने दावा किया कि PTI कार्यकर्ता कई रास्तों से इस्लामाबाद पहुंचेंगे और जरूरत पड़ी तो पैदल भी मार्च करेंगे.
उनके इस बयान पर पाकिस्तान सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. गृह राज्य मंत्री तलाल चौधरी ने इसे हिंसा की धमकी बताते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाजत है, लेकिन हिंसा या लोगों की जान को खतरा पैदा करने वाली किसी भी कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. पाकिस्तान सरकार ने इस्लामाबाद की ओर मार्च करने वाले प्रदर्शनकारियों पर कड़ी पाबंदियां लगा दी हैं. सरकार ने चेतावनी दी है कि कोई भी समूह राजधानी में किसी भी तरह की बाधा नहीं डाल सकेगा. सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार कहा कि प्रशासन, पुलिस और गृह मंत्रालय स्पष्ट हैं कि अशांति फैलाने वाले समूहों को इस्लामाबाद पहुंचने नहीं दिया जाएगा. उन्होंने इस्लामाबाद हाईकोर्ट के उस फैसले का हवाला दिया, जिसमें राजनीतिक दलों को सार्वजनिक सड़कों और नागरिकों की आवाजाही बाधित करने से मना किया गया है.

