UP: इस बार अनीता पर नहीं हुई यमराज की मेहरबानी, लगा दी मौत की मुहर

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

UP News: कहा जाता है कि ऊपर वाले की मर्जी के बिना एक पत्ता भी नहीं हिलता है. जीवन देना और लेना उसी के हाथ में है. कुछ ऐसी ही उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में हुआ. यहां मरकर जिंदा हुई एक महिला की 18 दिन बाद फिर से सांस थम गई. पति को इस बात की आस थी कि शायद इस बात भी पत्नी मौत की नींद से जग जाए, लेकिन इस बार यमराज की मेहरबानी नहीं हुई और उसने महिला के जीवन पर मौत की मुहर लगा दी.

कैंसर से पीड़ित थी अनीता
मालूम हो कि हमीरपुर जिले के राठ कोतवाली क्षेत्र के सदर गांव के मातादीन रैकवार अपनी पत्नी और बच्चों के साथ गुजर बसर कर रहा था. उनकी पत्नी अनीता काफी समय से कैंसर से पीड़ित थी. शुरू में परिजनों को महिला के कैंसर की जानकारी नहीं हो सकी, लेकिन मध्य प्रदेश के भोपाल और छतरपुर में जांच के दौरान पता चला कि महिला को गंभीर बीमारी है.

पत्नी के इलाज के लिए मातादीन ने अमृतसर, जालंधर और चंडीगढ़ के बड़े हॉस्पिटल तक दौड़ लगाई. इन अस्पतालों में महिला का इलाज कराया गया. परिजन ने बताया कि शुरू में बुखार और दर्द की शिकायतें होने पर यहां के क्षेत्र के अस्पताल में इलाज कराया गया था, लेकिन कोई फायदा नहीं मिला.

डाक्टरों ने अनीता घोषित कर दिया था मृत, हो गई थी जीवित
इसके बाद महानगरों के अस्पताल जाना पड़ा. जांच में कैंसर होने के लक्षण दिखने पर अनीता को जालंधर के बड़े अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कई दिनों तक उपचार के बाद डाक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया था. मातादीन एंबुलेंस से पत्नी का शव घर ला रहा था. इसी दौरान मृत पत्नी अनीता अचानक जीवित होते हुए पति से पानी मांगा था.

महिला के जीवित होने पर परिजनों में दौड़ गई थी खुशी की लहर
पत्नी के जीवन होने पर पति मातादीन के खुशियों का ठिकाना नहीं रहा. उसके परिवार में भी खुशी की लहर दौड़ गई थी. मरकर जीवित होने वाली अनीता को देखने के लिए लोगों का तांता लग गया था. लोग मरने के बाद उसके जीवित होने को ईश्वर की कृपा मान रहे थे.

18 दिन बाद फिर थम गई अनीता का सांस
अनीता के जीवित होने की खुशियां 18 दिन बाद मातम में बदल गई. एक बार भी अनीता की सांसे थम गई. पत्नी की मौत पर आंखों में आंसू लिए पति मातादीन इस बात की घंटों आस लगाए रहा कि शायद इस बार भी पत्नी बोल पड़े, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इस बार अनीता पर मेहरबानी न करते हुए यमराज ने मौत की मुहर लगा दी. परिवार वालों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया. कुछ दिन पहले मरकर जीवित होने वाली अनीता की फिर से मौत होने की लोगों की चर्चा हो रही है. लोग कह रहे हैं कि जीवन देना और लेना ऊपर वाले के हाथ में है.

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