US-Iran tensions: ईरान की चेतावनी- यमन पर हमला हुआ तो बंद कर देंगे बाब अल-मंदेब

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

US-Iran tensions: एक बार फिर पश्चिम एशिया के हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं. इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के एक सैन्य अधिकारी व लेफ्टिनेंट कर्नल इब्राहिम जोल्फागारी ने कहा कि ट्रंप, अमेरिकियों की बलि चढ़ाने वाले हैं.

अमेरिकियों की जान खतरे में डालने वाले हैं ट्रंप

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जोल्फागारी ने पोस्ट किया, ‘अगर ट्रंप यमन पर हमला करते हैं तो अमेरिकियों की जान खतरे में डालने वाले हैं. यमन पर हमला करते ही बाब अल-मंदेब का रास्ता अमेरिका के लिए बंद हो जाएगा. पश्चिम में गरीबी आ जाएगी.’ मालूम हो कि बाब अल-मंदेब लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ने वाली एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री जलडमरूमध्य है. दुनिया के बड़े हिस्से का तेल, गैस और व्यापारिक सामान इसी मार्ग से होकर गुजरता है.

अपने दूतावासों को अमेरिका ने किया अलर्ट

रविवार को पूरे मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी दूतावासों ने सुरक्षा अलर्ट जारी किए हैं. इन घटनाओं की वजह से इलाके में तनाव और ज्यादा बढ़ने की आशंका को लेकर चिंता तेज हो गई है. इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (आईआरआईबी) के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण अमेरिकी दूतावासों ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए अलर्ट जारी किए है. लेबनान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन, कतर, इराक, इस्राइल, ओमान, सऊदी अरब और तुर्किये में मौजूद अमेरिकी दूतावासों ने वहां रहने वाले अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा से जुड़े जरूरी अलर्ट जारी किए हैं.

संभावित खतरे के मद्देनजर ईरान ने अधिकतम अलर्ट जारी कर दिया है. ईरान ने आईआरजीसी, सेना और सुरक्षाबलों के लिए अपना सबसे ऊंचा अलर्ट लेवल ‘कोड 100’ जारी किया है. मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण सुरक्षा हालात को देखते हुए इराक में अमेरिकी दूतावास और वाणिज्य दूतावास ने एडवाइजरी जारी है. लोगों से कहा गया है कि जो अमेरिकी अभी मिडिल ईस्ट में हैं, उन्हें ज्यादा सतर्क रहना चाहिए.

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