ईरान पर अमेरिकी सेना का हमला, होर्मुज के पास एयर डिफेंस सिस्टम तबाह

Ved Prakash Sharma
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

US Iran Conflict: अमेरिकी सेना ने एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाते हुए नए सीमित हमले किए हैं. इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने इसे बेहद मामूली बताया. उन्होंने कहा कि ईरान ने छोटा एंटी-एयरक्राफ्ट उपकरण तैयार किया था, जिसे अमेरिकी सेना ने कुछ ही मिनटों में नष्ट कर दिया.

वहीं, ईरानी सरकारी मीडिया ने तेल परिवहन के लिए बेहद अहम स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थित केशम द्वीप के सूजा इलाके में दो धमाकों की पुष्टि की है. यह सैन्य कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनावों में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को भारी चुनावी झटका लगा है.

युद्ध की वजह से बढ़ी महंगाई और ईंधन की ऊंची कीमतों को लेकर मतदाताओं में उपजे असंतोष को इस हार का मुख्य कारण माना जा रहा है. चुनावी झटके के बाद ट्रंप एक तरफ ईरान को नष्ट करने की चेतावनी दे रहे हैं, तो दूसरी तरफ युद्ध के जल्द समाधान की उम्मीद भी जता रहे हैं.

शांति वार्ता का नया प्रस्ताव रखा कतर ने

हमलों के बीच राजनयिक स्तर पर तनाव कम करने की कोशिशें भी तेज हो गई हैं. मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे कतर ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मतभेदों को सुलझाने के लिए तेहरान को नए प्रस्ताव सौंपे हैं. क्षेत्र के दो देशों के अधिकारियों के मुताबिक, ईरान इन प्रस्तावों की समीक्षा कर रहा है.

हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि जब तक अमेरिका युद्धविराम से जुड़ी प्रमुख शर्तें स्वीकार नहीं करता, तब तक ईरान ट्रंप प्रशासन के साथ सीधी परमाणु वार्ता शुरू करने के मूड में नहीं दिख रहा है.

दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शुक्रवार देर रात एक्स पर घोषणा की कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम, उसके ठिकानों और वैज्ञानिकों से जुड़ी गोपनीय जानकारी देने वालों को 2 करोड़ डॉलर तक का इनाम और पुनर्वास की सुविधा देगा.

बातचीत से पहले ईरान की शर्तें

व्हाइट हाउस ने कतर के प्रस्तावों पर विस्तृत टिप्पणी से इनकार किया है, लेकिन ट्रंप ने माना है कि मध्यस्थों के जरिए ईरान से बातचीत जारी है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना का इस संघर्ष पर पूरा नियंत्रण है.

इसके उलट, तेहरान ने परमाणु वार्ता की मेज पर आने से पहले अमेरिका के सामने कई शर्तें रखी हैं. ईरान की मांग है कि अमेरिका उसके बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म करे, सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए, जब्त संपत्तियों को मुक्त करे, युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा दे और लेबनान में इजराइली अभियानों सहित पूरे क्षेत्र में सैन्य कार्रवाइयां बंद करे.

ब्रिज डील पर चर्चा

क्षेत्रीय अधिकारियों के अनुसार, औपचारिक परमाणु वार्ता से पहले भरोसा बहाल करने के लिए दोनों पक्षों के बीच दो दिवसीय ब्रिज डील पर चर्चा हो रही है. कतर द्वारा पेश किए गए इस मसौदे के तहत पहले चरण में अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाएगा और जब्त किए गए कुछ अरब डॉलर जारी करेगा.

इसके बदले में ईरान अमेरिकी और इजराइली हमलों में निशाना बनी अपनी जगहों पर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के निरीक्षकों को जाने की अनुमति देगा. प्रस्ताव के मुताबिक, दूसरे दिन ईरान ओमान के साथ बनी सहमति के तहत होर्मुज को जहाजों की आवाजाही के लिए अस्थायी रूप से दोबारा खोलेगा.

यह व्यवस्था तब तक लागू रहेगी, जब तक खाड़ी देशों के साथ मिलकर कोई स्थायी समझौता नहीं हो जाता। इसके बाद दोनों देश संवर्धित यूरेनियम के भंडार और व्यापक परमाणु मुद्दों पर विस्तृत बातचीत शुरू करेंगे.

अमेरिकी चुनाव नतीजों के बाद खाड़ी देशों और वैश्विक नेताओं के बीच फोन कॉल्स का सिलसिला तेज हो गया है, ताकि संघर्ष को और भड़कने से रोका जा सके.

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