Iranian Threat: ईरान-अमेरिका के बीच तनाव कम होने की बजाय बढ़ता ही जा रही है. पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य बलों की बढ़ती तैनाती के बीच, ईरानी अंग्रेजी अखबार तेहरान टाइम्स ने वॉशिंगटन को चेतावनी भरा संदेश दिया है. अखबार ने शनिवार के अंक के पहले पृष्ठ पर बड़े अक्षरों में लिखा “वेलकम टू हेल” और चेताया कि जो भी अमेरिकी सैनिक इरानी क्षेत्र में प्रवेश करेंगे, वे सिर्फ ताबूत में लौटेंगे.
अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ी
अखबार की चेतावनी के ठीक समय पर लगभग 3,500 अमेरिकी मरीन सैनिक पश्चिम एशिया में अमेरिका के सेंट्रल कमांड (CENTCOM) क्षेत्र में तैनात किए गए. मरीन सैनिक USS त्रिपोली के जरिए जापान से रवाना किए गए, जो अमेरिका के सबसे बड़े अम्फीबियस असॉल्ट जहाजों में से एक है. यह कदम पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य शक्ति बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है.
विशेषज्ञों का कहना है कि यह तैनाती खर्ग द्वीप को कब्जे में लेने के लिए अमेरिकी ऑपरेशन की तैयारी हो सकती है. यह द्वीप रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है और इसी महीने पहले भी ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के तहत इसका निशाना बनाया गया था.
ईरान के कई सैन्य ढांचों पर हमले किए
सेंटकॉम के मुताबिक, अमेरिकी बलों ने फरवरी 28 के बाद से ईरान के कई सैन्य ढांचों पर हमले किए हैं. इनमें शामिल हैं-
*इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) से जुड़े ठिकाने
*एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल साइट्स
*नौसैनिक संसाधन
*हथियार निर्माण केंद्र
अमेरिकी बलों ने अब तक 11,000 से अधिक लड़ाकू उड़ानों को अंजाम दिया है और 150 से अधिक ईरानी जहाजों को क्षतिग्रस्त या नष्ट किया गया है.
क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा पर पड़ सकता है असर
तेहरान टाइम्स की यह चेतावनी अमेरिकी सैनिकों और वॉशिंगटन प्रशासन के लिए सीधे संदेश की तरह है. अखबार ने स्पष्ट किया कि इरानी क्षेत्र में कोई भी अमेरिकी हस्तक्षेप भारी नुकसान का सामना करेगा. विशेषज्ञ मानते हैं कि इस चेतावनी और सैनिकों की बढ़ती तैनाती से पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा पर असर पड़ सकता है.