Bengal By Election 2026: पश्चिम बंगाल की फलता विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से ठीक दो दिन पहले राज्य की राजनीति में एक बड़ा और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है. चुनाव प्रचार अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और सभी दल पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरे हुए हैं. इसी बीच तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी जहांगीर खान ने अचानक चुनावी मुकाबले से पीछे हटने का फैसला कर लिया है. उनके इस कदम ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. ‘पुष्पा’ के नाम से मशहूर जहांगीर खान ने मंगलवार को चुनाव प्रचार के आखिरी दिन अपने फैसले का ऐलान किया. उन्होंने साफ कहा, “मैं अब यह चुनाव नहीं लड़ रहा हूं.”
प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या बोले जहांगीर खान?
जहांगीर खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, “मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने फलता के विकास के लिए ‘स्पेशल पैकेज’ की घोषणा की है. मैं इस चुनाव से पीछे हट रहा हूं.” हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि यह फैसला उन्होंने खुद लिया है या फिर इसके पीछे अभिषेक बनर्जी या तृणमूल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व का कोई निर्देश था.
चुनावी नियम क्या कहते हैं?
जहांगीर खान के चुनाव से हटने के फैसले के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा है कि क्या अब उनका नाम चुनाव प्रक्रिया से पूरी तरह हट जाएगा. हालांकि चुनावी नियमों के मुताबिक नामांकन वापस लेने की तारीख पहले ही खत्म हो चुकी है. ऐसी स्थिति में ईवीएम मशीन पर जहांगीर खान का नाम और उनका चुनाव चिह्न पहले की तरह बना रहेगा, लेकिन व्यक्तिगत तौर पर उन्होंने खुद को चुनावी मुकाबले से अलग कर लिया है.
रोड शो के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने मनाया जश्न
इस पूरे घटनाक्रम के बीच फलता विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक माहौल और ज्यादा गर्म हो गया. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के रोड शो के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने भगवा गुलाल उड़ाकर जमकर जश्न मनाया. मतदान से ठीक पहले हुए इस घटनाक्रम ने फलता उपचुनाव की सियासी तस्वीर को और दिलचस्प बना दिया है.
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