Virat Kohli: भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे 5 करोड़ रुपये से जुड़े दावे पर अब उनकी ओर से सफाई सामने आई है. दावा किया जा रहा था कि वृंदावन में प्रेमानंद महाराज से मुलाकात के लिए विराट कोहली को कथित तौर पर 5 करोड़ रुपये दिए गए थे. हालांकि, विराट कोहली के प्रवक्ता ने इस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है.
प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि फलाहारी महाराज के नाम से पहचाने जाने वाले दिनेश शर्मा द्वारा विराट कोहली को लेकर किए गए दावे तथ्यहीन हैं. उनके मुताबिक, कोहली प्रेमानंद महाराज से किसी आर्थिक लाभ के कारण नहीं, बल्कि अपनी व्यक्तिगत आस्था और उनके प्रति सम्मान के चलते मुलाकात करते हैं.
प्रवक्ता ने दावे को बताया बेबुनियाद
विराट कोहली के प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर किए जा रहे 5 करोड़ रुपये के दावे का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है. उन्होंने ऐसे आरोपों को पूरी तरह गलत बताते हुए मीडिया से भी अपील की कि किसी भी दावे को प्रकाशित या आगे साझा करने से पहले उसकी पुष्टि की जाए. बयान में यह भी कहा गया कि विराट कोहली की प्रेमानंद महाराज के प्रति श्रद्धा और सम्मान ही उनकी मुलाकातों की वजह है. प्रवक्ता ने इस मामले में फैल रही जानकारी को लेकर जिम्मेदार और तथ्य आधारित रिपोर्टिंग की आवश्यकता पर जोर दिया.
क्या था 5 करोड़ रुपये से जुड़ा दावा? Virat Kohli
दरअसल, पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया पर एक दावा चर्चा में है. इसमें कहा गया कि राजस्थान की एक निजी कंपनी ने कथित तौर पर विराट कोहली को प्रेमानंद महाराज के आश्रम तक पहुंचाने के लिए 5 करोड़ रुपये खर्च किए थे. दिनेश शर्मा के हवाले से किए जा रहे इस दावे में कथित तौर पर जनवरी 2023 की उस मुलाकात का जिक्र किया गया, जब विराट कोहली पहली बार प्रेमानंद महाराज से मिले थे. दावा यह भी था कि इस पूरी व्यवस्था के पीछे कुछ कारोबारी और प्रॉपर्टी से जुड़े लोगों का हाथ था और इसका मकसद महाराज की लोकप्रियता को बढ़ावा देना था. हालांकि, विराट कोहली के प्रवक्ता ने इन सभी आरोपों को सिरे से नकार दिया है.
अनुष्का शर्मा के साथ कई बार पहुंचे हैं वृंदावन
विराट कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा पहले भी प्रेमानंद महाराज से मुलाकात कर चुके हैं. दोनों के वृंदावन स्थित आश्रम पहुंचने की तस्वीरें और वीडियो समय-समय पर सोशल मीडिया पर सामने आते रहे हैं. अब 5 करोड़ रुपये के दावे पर विराट कोहली की ओर से आए खंडन के बाद इस पूरे मामले को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं पर विराम लगाने की कोशिश की गई है.

