Aaj Ka Mausam: देशभर में मौसम ने अचानक करवट ले ली है. अप्रैल का महीना आमतौर पर तेज गर्मी की शुरुआत का संकेत देता है, लेकिन इस बार हालात बिल्कुल उलट हैं. पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तर भारत से लेकर मध्य भारत तक मौसम पूरी तरह बदल गया है. ठंडी हवाएं, लगातार बारिश और कई जगहों पर ओलावृष्टि ने लोगों को गर्मी के बजाय सर्दी का अहसास करा दिया है.
दिल्ली-NCR में जारी रहेगा बारिश का असर
राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के NCR इलाकों में मंगलवार से शुरू हुई बारिश का सिलसिला अभी थमा नहीं है. IMD के अनुसार आज भी दिनभर बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिल सकती है. तेज हवाओं का भी असर देखने को मिलेगा, जिनकी रफ्तार 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है.
इसके चलते मौसम ठंडा और सुहावना बना रहेगा. अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम, लगभग 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. सबसे खास बात यह रही कि दिल्ली में बीते दिन पिछले तीन वर्षों का सबसे ठंडा अप्रैल का दिन दर्ज किया गया, जिसने मौसम के इस बदलाव को और भी खास बना दिया.
हालांकि यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है. मौसम विभाग का अनुमान है कि 9 अप्रैल से तापमान में तेजी से बढ़ोतरी होगी और पारा सीधे 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.
यूपी में आंधी, बारिश और ओलों का खतरा
उत्तर प्रदेश में मौसम का रुख आज थोड़ा खतरनाक बना हुआ है. राज्य के लगभग सभी हिस्सों में आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग ने कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जो गंभीर मौसम गतिविधियों का संकेत देता है. तेज हवाएं 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है.
इसके साथ ही कई इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा है. पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोंडा, बस्ती, गोरखपुर और सिद्धार्थनगर जैसे जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है. पिछले 24 घंटों के दौरान कानपुर समेत 40 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है, जिससे तापमान में करीब 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आई है.
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में ओलावृष्टि और तेज हवाएं
मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का असर साफ दिखाई दे रहा है. जबलपुर में सुबह से ही तेज बारिश हो रही है, जबकि दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में ओले गिरने की चेतावनी जारी की गई है. ग्वालियर और चंबल संभाग में भी तेज आंधी और बारिश की स्थिति बनी हुई है, जिससे स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है.
वहीं छत्तीसगढ़ में भी मौसम का यही रुख देखने को मिल रहा है. रायपुर और बस्तर समेत कई इलाकों में तेज हवाएं चल रही हैं, जिनकी गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. अगले तीन दिनों तक इसी तरह का मौसम बने रहने का अनुमान है, जबकि 10 अप्रैल के बाद धीरे-धीरे मौसम साफ होने की उम्मीद जताई गई है.
पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी, मैदानी इलाकों में ठंडक
जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है. ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो रही है, जिससे तापमान में और गिरावट आई है. रामबन क्षेत्र में भूस्खलन की घटनाओं के कारण कुछ सड़कें भी बंद हो गई हैं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ है.
दूसरी ओर, राजस्थान के फलोदी में रिकॉर्ड 42 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जो इस मौसम के लिए असामान्य मानी जा रही है. पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में तापमान सामान्य से करीब 5 डिग्री सेल्सियस नीचे बना हुआ है. वहीं बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई गई है.
जरूरी सावधानियां
ऐसे मौसम में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है. घर से बाहर निकलते समय छाता या रेनकोट साथ रखें. तेज हवाओं के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखें. ओलावृष्टि की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर रहना बेहतर होगा. किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए जरूरी इंतजाम पहले से कर लें.
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