Cyclone Arnab Kya Hai: बंगाल की खाड़ी से उठे मौसमी सिस्टम ‘अर्नब’ के असर से देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ गया है. दक्षिण छत्तीसगढ़ से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रहे इस सिस्टम के कारण उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा और आंध्र प्रदेश समेत कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है. कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं, जबकि नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं.
उत्तर प्रदेश में लगातार करीब 48 घंटे से हो रही बारिश के बीच अलग-अलग हादसों में 13 लोगों की मौत की खबर है. कई जगह दीवार और मकान गिरने के साथ बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं. वहीं छत्तीसगढ़ के बस्तर, सुकमा और गरियाबंद में लगातार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं और कई सड़कें पानी में डूब गई हैं.
क्या है ‘अर्नब’ चक्रवात?
बंगाल की खाड़ी में बना यह मौसम सिस्टम गहरे अवदाब यानी Deep Depression के रूप में विकसित हुआ था. तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा के इलाकों को प्रभावित करने के बाद यह सिस्टम जमीन के अंदरूनी हिस्सों की तरफ बढ़ा. इसके प्रभाव से उत्तर और मध्य भारत के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ गईं. ‘अर्नब’ नाम को लेकर भी चर्चा हो रही है. उत्तर हिंद महासागर क्षेत्र में चक्रवाती तूफानों के नामों की अंतरराष्ट्रीय सूची में अलग-अलग देशों की ओर से नाम प्रस्तावित किए जाते हैं. हालांकि किसी सिस्टम को आधिकारिक तौर पर चक्रवात तब माना जाता है, जब वह निर्धारित चक्रवाती तीव्रता तक पहुंचता है. इस सिस्टम के कमजोर पड़ने के बावजूद वातावरण में मौजूद नमी के कारण कई इलाकों में भारी बारिश का असर बना हुआ है.
यूपी में 48 घंटे से मूसलाधार बारिश
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश और तेज हवाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. अलग-अलग जिलों में दीवार गिरने, मकान ढहने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं में 13 लोगों की जान जाने की जानकारी सामने आई है. कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गई हैं और लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. बारिश के कारण राज्य के कई जिलों में बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है. खेतों में पानी भरने से किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है. प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है.
छत्तीसगढ़ के बस्तर में बिगड़े हालात
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में लगातार बारिश के कारण हालात मुश्किल हो गए हैं. बस्तर, सुकमा और गरियाबंद समेत कई इलाकों में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है. जगदलपुर में इंद्रावती नदी का पानी खतरे के निशान के ऊपर पहुंचने से आसपास के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. कई रिहाइशी इलाकों में पानी घुसने से लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है. कुछ स्थानों पर सड़कें पानी में डूब गई हैं, जिससे आवागमन भी प्रभावित हुआ है. प्रशासन और राहत दल प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं.
14 राज्यों में बारिश और बाढ़ का असर
बंगाल की खाड़ी से बने इस मौसम सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना समेत कई राज्यों में बारिश का दौर देखने को मिल रहा है. कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है. नदियों का जलस्तर बढ़ने के कारण नदी किनारे बसे गांवों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है. प्रशासन की ओर से जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में पहुंचाने की तैयारी की जा रही है. वहीं किसानों की तैयार फसलों पर भी लगातार बारिश का असर पड़ा है.
कमजोर हो रहा मौसम सिस्टम, लेकिन खतरा अभी टला नहीं
मौसम सिस्टम के कमजोर पड़ने के बावजूद इसके पीछे छोड़ी गई भारी नमी के कारण कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी है. जिन इलाकों में पहले से जलभराव या नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है, वहां स्थिति सामान्य होने में समय लग सकता है. ऐसे में प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान देना और नदी, नाले व जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखना जरूरी है.
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