Petrol Diesel Shortage Rumor India: क्या सच में भारत में पेट्रोल-डीजल खत्म होने वाला है? सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही खबरों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है. कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ देखने को मिल रही है और लोग घबराकर अपने वाहनों के टैंक फुल करवा रहे हैं.
दावा किया जा रहा है कि देश के पास केवल 5 से 6 दिन का ही ईंधन बचा है और जल्द ही पंप सूख सकते हैं. लेकिन क्या यह सच है या सिर्फ अफवाह? इसकी असली सच्चाई जानना बेहद जरूरी है.
सरकारी एजेंसी ने किया बड़ा खुलासा, दावा पूरी तरह गलत
इस वायरल दावे की सच्चाई सामने आने के बाद साफ हो गया है कि यह खबर पूरी तरह भ्रामक है. सरकार की आधिकारिक एजेंसी Press Information Bureau ने इसे फर्जी बताते हुए कहा है कि देश में सिर्फ 5 दिन का ईंधन बचा होने की बात में कोई सच्चाई नहीं है. दरअसल, भारत की कुल भंडारण क्षमता करीब 74 दिनों की है, जबकि वर्तमान में देश के पास लगभग 60 दिनों का पर्याप्त पेट्रोल-डीजल और कच्चा तेल मौजूद है. इसमें जमीन के नीचे बने विशेष भंडार भी शामिल हैं, जिन्हें आपात स्थिति के लिए सुरक्षित रखा जाता है.
सरकार का भरोसा: सप्लाई पूरी तरह सामान्य और मजबूत
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और किसी तरह की कमी की आशंका नहीं है. देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और आने वाले समय के लिए कच्चे तेल की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित कर ली गई है. भारत दुनिया के प्रमुख तेल प्रोसेस करने वाले देशों में शामिल है और यहां से कई देशों को ईंधन निर्यात भी किया जाता है. ऐसे में घरेलू स्तर पर किसी बड़े संकट की संभावना बहुत कम है.
दुनिया के कई देशों से लगातार मिल रही सप्लाई
वैश्विक तनाव के बावजूद भारत को 40 से अधिक देशों से कच्चा तेल मिल रहा है. इसका मतलब यह है कि किसी एक क्षेत्र में समस्या आने पर भी देश की सप्लाई प्रभावित नहीं होती. सरकार ने पहले से तैयारी करते हुए अगले 60 दिनों के लिए ईंधन का पर्याप्त इंतजाम कर लिया है, जिससे आम जनता को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी.
रसोई गैस को लेकर भी फैलाया जा रहा भ्रम
पेट्रोल-डीजल के साथ-साथ रसोई गैस को लेकर भी कई तरह की अफवाहें फैल रही हैं. सरकार ने साफ किया है कि गैस उत्पादन बढ़ा दिया गया है और विदेशों से बड़ी मात्रा में गैस मंगाने की व्यवस्था भी पहले से की जा चुकी है.
इससे यह साफ है कि घरेलू उपयोग के ईंधन को लेकर भी किसी तरह की किल्लत नहीं आने वाली है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है.
अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
सरकार ने चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाना एक गंभीर अपराध है. ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है जो झूठी खबरों के जरिए लोगों में डर और भ्रम फैलाते हैं. सरकारी आंकड़ों और मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह पूरी तरह साफ है कि ‘सिर्फ 5 दिन का ईंधन बचा है’ वाला दावा झूठा है. देश के पास पर्याप्त भंडार मौजूद है और आम जनता को किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है.
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