Fact Check: क्या भारत में फर्टिलाइजर प्लांट बंद हो गए? सरकार ने बताई वायरल खबर की सच्चाई

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Fact Check: मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच भारत को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट तेजी से वायरल हो रहे हैं. इन पोस्ट ने खासकर किसानों और आम लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है. दावा किया जा रहा है कि युद्ध के हालातों के चलते भारत में खाद (Fertilizer) के प्लांट बंद हो गए हैं. ऐसे समय में जब गेहूं की फसल का सीजन अपने चरम पर है, यह खबर लोगों को और ज्यादा परेशान कर रही है. लेकिन जब इन दावों की जांच की गई, तो सामने आई सच्चाई कुछ और ही है.

क्या है वायरल दावा?

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर दो तरह के पोस्ट वायरल हो रहे हैं. पहले पोस्ट में दावा किया गया है कि देश में फर्टिलाइजर प्लांट पूरी तरह ठप हो चुके हैं. इसमें यह भी कहा गया है कि मार्च के इस समय में, जब खेती के लिए खाद की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, देश में खाने-पीने की भारी किल्लत हो सकती है. दूसरे पोस्ट में एक नक्शा दिखाया गया है, जिसमें भारत के अलग-अलग हिस्सों में अमोनिया और यूरिया प्लांट की लोकेशन बताई गई है. इस नक्शे के साथ यह दावा किया गया कि इन सभी जगहों पर स्थित प्लांट बंद कर दिए गए हैं.इन पोस्ट के वायरल होते ही खेती-किसानी से जुड़े लोगों के बीच हड़कंप मच गया और कई लोग इसे सच मानकर चिंता में पड़ गए.

क्या है असल सच? (सरकार का ट्वीट जस का तस)

जब यह मामला सरकार के संज्ञान में आया, तो तुरंत इसकी जांच की गई. Ministry of External Affairs ने इन दावों को पूरी तरह फर्जी और बेबुनियाद बताया है.

मंत्रालय ने ट्वीट जारी कर जनता को आगाह किया है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही इन झूठी और भ्रामक खबरों से सावधान रहें. सरकार ने साफ किया कि युद्ध के चलते वैश्विक स्तर पर ऊर्जा और ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव जरूर है, लेकिन भारत के भीतर यूरिया या अमोनिया प्लांट बंद होने की बात सिर्फ एक अफवाह है.

किसानों के लिए राहत की खबर

सरकार के अनुसार देश में फर्टिलाइजर का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और उत्पादन पूरी तरह सामान्य तरीके से चल रहा है. सप्लाई चेन भी सुचारू है, जिससे किसानों को खाद की किसी तरह की कमी नहीं होगी. इससे साफ है कि मौजूदा समय में खेती को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है.

अफवाहों से बचें, सतर्क रहें

विशेषज्ञों का मानना है कि युद्ध या अंतरराष्ट्रीय तनाव के समय इस तरह की फेक न्यूज तेजी से फैलती है, जिससे लोगों में डर और भ्रम पैदा किया जा सके. खासकर खेती-किसानी जैसे संवेदनशील मुद्दों पर ऐसी अफवाहें किसानों के लिए मानसिक तनाव का कारण बनती हैं.भारत में फर्टिलाइजर प्लांट बंद होने का दावा पूरी तरह गलत है.

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि देश में खाद की सप्लाई और उत्पादन दोनों सामान्य हैं.इसलिए किसी भी खबर पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें.

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