New Delhi: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में इस बार देश के किसानों के लिए सौगात दी है. उन्होंने बजट भाषण में छोटे और सीमांत किसानों पर विशेष ध्यान देने की बात कही. वित्त मंत्री ने उत्पादकता बढ़ाने के लिए नारियल उत्पादन योजना की घोषणा की. उन्होंने कहा कि 1 करोड़ किसान अपनी आजीविका के लिए नारियल पर निर्भर हैं.
भारतीय चंदन की प्रतिष्ठा फिर से कायम
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत को कच्चे काजू और नारियल के उत्पादन व प्रसंस्करण में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक विशेष कार्यक्रम की घोषणा की. इसका लक्ष्य 2030 तक भारतीय काजू और कोको को ग्लोबल प्रीमियम ब्रांड में बदलना है. उन्होंने कहा कि चंदन भारत की सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा है. सरकार राज्य सरकारों के साथ मिलकर इसकी खेती और प्रसंस्करण को बढ़ावा देगी ताकि भारतीय चंदन की प्रतिष्ठा फिर से कायम हो.
किसानों की बढ़ेगी आय
वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि पुराने और कम उपज वाले बागानों को फिर से उपजाऊ बनाने और अखरोट, बादाम व चिलगोजा (पाइन नट्स) की उन्नत खेती को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कार्यक्रम शुरू किया जाएगा. इससे किसानों की आय बढ़ेगी और युवाओं को जोड़कर इन उत्पादों का मूल्य संवर्धन किया जाएगा. केंद्रीय वित्त मंत्री ने तटीय क्षेत्रों में नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों का समर्थन करके उच्च मूल्य वाली कृषि पर जोर दिया.
भारत विश्व में नारियल का सबसे बड़ा उत्पादक
पूर्वोत्तर में अगर के वृक्षों और पहाड़ी क्षेत्रों में बादाम, अखरोट और चीड़ के मेवों जैसे फलों को भी समर्थन दिया जाएगा. निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत विश्व में नारियल का सबसे बड़ा उत्पादक है. लगभग 3 करोड़ लोग, जिनमें लगभग 1 करोड़ किसान शामिल हैं, अपनी आजीविका के लिए नारियल पर निर्भर हैं. नारियल उत्पादन में प्रतिस्पर्धात्मकता को और बढ़ाने के लिए मैं नारियल प्रोत्साहन योजना का प्रस्ताव करती हूं, जिसका उद्देश्य प्रमुख नारियल उत्पादक राज्यों में पुराने और अनुत्पादक पेड़ों को नई किस्मों से बदलकर उत्पादन और उत्पादकता में वृद्धि करना है.
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