India Iran Economic Cooperation: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को ईरान के वित्त मंत्री डॉ. सैयद अली मदनिजादेह के साथ बैठक की. राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 के दौरान हुई इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई. दोनों पक्षों ने साझा हितों वाले क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया.
वित्त मंत्रालय के अनुसार, निर्मला सीतारमण ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में ईरान की सक्रिय भागीदारी और वित्तीय ट्रैक के तहत हुई चर्चाओं में उसके रचनात्मक योगदान की सराहना की. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स जैसे मंच विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के बीच आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और साझा विकास लक्ष्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.
व्यापार और निवेश सहयोग बढ़ाने पर जोर
बैठक के दौरान भारत और ईरान के बीच व्यापार, निवेश, वित्तीय सहयोग और अन्य आर्थिक क्षेत्रों में साझेदारी को और गहरा करने के उपायों पर चर्चा हुई. दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने और सहयोग के नए अवसरों की पहचान करने पर जोर दिया. यह बैठक ऐसे समय हुई है जब भारत ब्रिक्स और साझेदार देशों के साथ अपने आर्थिक एवं निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए सक्रिय पहल कर रहा है.
इससे पहले शनिवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) की अध्यक्ष जू जियायी से भी मुलाकात की थी. उस बैठक में भारत की इंफ्रास्ट्रक्चर और परिवहन संपर्क परियोजनाओं को समर्थन देने, स्थानीय मुद्रा में वित्तपोषण बढ़ाने, निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करने और एआईआईबी की वैश्विक भूमिका को मजबूत करने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी.
रूस के साथ आर्थिक सहयोग पर भी हुई चर्चा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव के साथ भी बैठक की थी. इस दौरान दोनों पक्षों ने भारत-रूस आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने, वित्तीय सेवाओं में साझेदारी बढ़ाने और द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) पर बातचीत को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई थी. प्रस्तावित बीआईटी का उद्देश्य दोनों देशों के बीच निवेश प्रवाह को बढ़ाना और आर्थिक जुड़ाव के लिए एक स्थिर एवं पारस्परिक रूप से लाभकारी ढांचा तैयार करना है.
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में नई दिल्ली घोषणा पत्र 2026 को मंजूरी
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में नई दिल्ली घोषणा पत्र 2026 को सर्वसम्मति से अपनाए जाने की घोषणा की. समापन संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि यह घोषणा पत्र ब्रिक्स देशों के साझा संकल्पों को स्पष्ट दिशा देता है और अब सदस्य देशों की जिम्मेदारी है कि वे इन संकल्पों को ठोस परिणामों में बदलें. प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स नेताओं के बीच हुई चर्चाओं को सार्थक और रचनात्मक बताया. उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक व्यवस्था को पुरानी संस्थागत संरचनाओं के माध्यम से प्रभावी ढंग से नहीं संभाला जा सकता. प्रधानमंत्री ने अधिक समावेशी और प्रतिनिधिक वैश्विक शासन व्यवस्था की आवश्यकता पर भी जोर दिया.
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