‘हर नागरिक को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराना हमारी प्रतिबद्धता’, जन औषधि दिवस पर बोले PM Modi

Divya Rai
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Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Jan Aushadhi Diwas 2026: जन औषधि दिवस 2026 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को शुभकामनाएं दी हैं. उन्होंने कहा कि यह पहल यह सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता को दिखाती है कि हर नागरिक को सस्ती कीमतों पर अच्छी दवाइयां मिलें.

Jan Aushadhi Diwas 2026 की दी बधाई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “जन औषधि दिवस 2026 के अवसर पर, प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना से लाभान्वित होने वाले सभी लोगों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं. यह पहल गुणवत्तापूर्ण दवाओं को किफायती दामों पर उपलब्ध कराने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है. जन औषधि केंद्रों के माध्यम से अनगिनत परिवार स्वास्थ्य देखभाल खर्चों में बचत कर रहे हैं और उचित उपचार प्राप्त कर रहे हैं.”

योजना के परिवर्तनकारी प्रभाव की एक झलक भी शेयर की

इसके साथ ही, पीएम मोदी ने ‘भारतीय जन औषधि योजना’ के परिवर्तनकारी प्रभाव की एक झलक भी शेयर की. ‘माईगव इंडिया’ ने लिखा है, “हेल्थकेयर सिस्टम तब सबसे मजबूत होते हैं जब वे आसानी से मिलने वाले और सबको साथ लेकर चलने वाले हों.” पोस्ट में आगे लिखा गया है, “जन औषधि लाखों लोगों की जिंदगी को बेहतर बना रही है, यह सुनिश्चित करके कि जरूरी दवाएं सस्ती और पहुंच में रहें. कस्बों और ग्रामीण जिलों में इसकी बढ़ती मौजूदगी न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को मजबूत कर रही है, बल्कि स्थानीय उद्यमियों और समुदायों को भी मजबूत बना रही है.”

आम नागरिकों को 50–80 प्रतिशत तक सस्ती दवाइयां मिल रही

‘माईगव इंडिया’ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया गया, “सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयों के जरिए जन औषधि केंद्र करोड़ों गरीब और मिडिल क्लास परिवारों को बड़ी राहत दे रहे हैं. देशभर में हजारों केंद्रों के माध्यम से आम नागरिकों को 50–80 प्रतिशत तक सस्ती दवाइयां मिल रही हैं.” ‘माईगव इंडिया’ के अनुसार, जन औषधि केंद्रों से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं लेकर देशवासियों ने अब तक 40,000 करोड़ रुपए से अधिक की बचत की है. हर दिन 15 लाख से अधिक लोग जन औषधि केंद्रों से गुणवत्तापूर्ण और किफायती दवाइयां खरीदकर इस पहल पर अपना भरोसा जता रहे हैं. केवल 12 वर्षों में जन औषधि केंद्रों का नेटवर्क 80 से बढ़कर 18,000 तक पहुंच गया है.

लगभग 60 प्रतिशत केंद्र महिलाओं की ओर से संचालित हैं

इसके अलावा, जन औषधि केंद्रों की बिक्री 7.29 करोड़ रुपए (2014) से बढ़कर 2,000 करोड़ रुपए से अधिक पहुंची है, जो कि किफायती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं पर देशवासियों के भरोसे को दर्शाती है. वहीं, जन औषधि केंद्रों पर 2,110 से अधिक दवाइयां, 315 सर्जिकल उत्पाद और 29 उपचार श्रेणियों की जरूरी दवाएं उपलब्ध, ताकि हर नागरिक को एक ही जगह सस्ती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा मिल सके. जन औषधि केंद्रों पर मात्र 1 रुपए प्रति पैड की दर से उपलब्ध सैनेटरी पैड्स की 100 करोड़ से अधिक बिक्री देशभर में महिलाओं की स्वच्छता, स्वास्थ्य और सम्मान को सशक्त बना रही है. ‘माईगव इंडिया’ के ‘एक्स’ पोस्ट में बताया गया कि महिलाओं के नेतृत्व को सशक्त बनाते हुए पिछले तीन वित्तीय वर्षों में खुले नए जन औषधि केंद्रों में लगभग 60 प्रतिशत केंद्र महिलाओं की ओर से संचालित हैं.

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