Magh Bihu 2026: माघ बिहू सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि असम की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक है. यह पर्व मेहनत, संतोष और भाईचारे की भावना को दर्शाता है. इसी भावना को अभिव्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को माघ बिहू की हार्दिक शुभकामनाएं दीं. पीएम मोदी ने माघ बिहू के पावन अवसर पर अपने संदेश में देशवासियों, विशेषकर असम के लोगों और उनके परिवारों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा, असमिया संस्कृति की सर्वश्रेष्ठ परंपराओं को समेटे यह खूबसूरत पर्व वास्तव में आनंद, सौहार्द और भाईचारे का उत्सव है. प्रधानमंत्री के अनुसार, माघ बिहू केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक जुड़ाव और मानवीय मूल्यों का प्रतीक भी है.
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने पत्र में माघ बिहू के मूल भाव संतोष और कृतज्ञता पर विशेष जोर दिया. उन्होंने बताया कि यह पर्व फसल कटाई के मौसम के पूरा होने का प्रतीक है, जब किसानों की महीनों की मेहनत रंग लाती है. यह समय उन सभी लोगों के प्रयासों को सराहने का होता है, जो हमारे जीवन को समृद्ध बनाते हैं, खासकर हमारे मेहनती किसान, जिनकी लगन और परिश्रम से देश का अन्न भंडार भरता है.
आपसी विश्वास और भाईचारे को करता है मजबूत
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि माघ बिहू हमें केवल उत्सव मनाने तक सीमित नहीं रखता, बल्कि यह हमारे भीतर उदारता और एक-दूसरे की देखभाल करने की भावना को प्रोत्साहित करता है. सामूहिक भोज, मेल-मिलाप और परंपराओं के माध्यम से यह पर्व समाज में आपसी विश्वास और भाईचारे को मजबूत करता है. ऐसे त्योहार हमें याद दिलाते हैं कि हमारी सांस्कृतिक परंपराएं हमें एक-दूसरे के और करीब लाती हैं.
देश की सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान
पीएम मोदी ने अपने संदेश के अंत में कामना की कि माघ बिहू सभी के जीवन में शांति, उत्तम स्वास्थ्य और खुशियां लेकर आए. उन्होंने आशा व्यक्त की कि आने वाला वर्ष हर परिवार के लिए समृद्धि और सफलता से भरा हो. उनका संदेश केवल शुभकामनाओं तक सीमित नहीं था, बल्कि उसमें देश की सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान और भविष्य के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण भी झलकता है.

