West Bengal: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट छोड़ने का ऐलान किया है. अब वह भवानीपुर से ही विधायक रहेंगे. सीएम शुभेंदु अधिकारी समेत पश्चिम बंगाल के नवनिर्वाचित विधायकों ने बुधवार को विधानसभा में शपथ ली. इसी दौरान सीएम शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट छोड़ने का ऐलान किया. सीएम शुभेंदु अधिकारी संग विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर तापस रॉय ने उन्हें शपथ दिलायी.
बी आर आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि
नवनियुक्त राज्य मंत्री अग्निमित्रा पॉल, दिलीप घोष, अशोक कीर्तनिया, क्षुदिराम टुडू और निशीथ प्रामाणिक भी 294 सदस्यीय सदन में विधायक के रूप में शपथ लेने वालों में शामिल थे. मुख्यमंत्री के रूप में विधानसभा में पहले दिन अधिकारी ने बी आर आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की. विधानसभा परिसर में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. उन्होंने सदन में प्रवेश करने से पहले विधानसभा के प्रवेश द्वार पर माथा टेका.
भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों से जीत दर्ज
राज्य में भाजपा को पहली बार सत्ता तक पहुंचाने वाले अधिकारी ने हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव में भवानीपुर और नंदीग्राम दोनों सीटों से जीत दर्ज की है. मुख्यमंत्री बैठक के बाद नंदीग्राम सीट छोड़ने का फैसला किया है. अब इस सीट पर दोबारा चुनाव होगा. 2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर कड़ा मुकाबला देखने को मिला था, जहां तत्कालीन विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पराजित किया था.
दोनों सीटें राजनीतिक रूप से केंद्र
बाद में भवानीपुर उपचुनाव में ममता बनर्जी ने जीत हासिल कर विधानसभा में वापसी की थी. 2026 के चुनाव में एक बार फिर नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटें राजनीतिक रूप से केंद्र में रहीं, जहां शुभेंदु अधिकारी ने दोनों विधानसभा क्षेत्रों से जीत दर्ज की. विशेषज्ञों का मानना है कि भवानीपुर और नंदीग्राम से जुड़े इस राजनीतिक घटनाक्रम का असर आने वाले समय में राज्य की सत्ता संतुलन और रणनीतिक दिशा पर देखने को मिलेगा.
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