Mobile Recharge: प्रीपेड मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए रिचार्ज से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है. भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने उपभोक्ताओं को राहत देने वाले भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण यानी ट्राई के फैसले पर केंद्र सरकार का आभार जताया है. उन्होंने कहा कि यह फैसला देश के प्रीपेड मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है. राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सरकार ने हाल ही में दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण नियमों में तेरहवां संशोधन, 2026 पेश किया है. इसके तहत मोबाइल उपभोक्ताओं को रिचार्ज से जुड़े कई विकल्प मिलने की बात कही गई है.
30 दिन के रिचार्ज से साल में 12 बार ही करना होगा रिचार्ज
राघव चड्ढा ने बताया कि 30 दिन की वैधता वाले रिचार्ज प्लान से उपभोक्ताओं को साल में 13 बार रिचार्ज कराने की जरूरत कम होकर 12 बार रह जाएगी. उन्होंने कहा कि 28 दिन की वैधता वाले रिचार्ज की वजह से उपभोक्ताओं को एक साल में 12 महीने के बजाय 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता है. उन्होंने इसी समस्या को 11 मार्च 2026 को संसद में भी उठाया था और उपभोक्ताओं के लिए अधिक सुविधाजनक तथा किफायती रिचार्ज विकल्प उपलब्ध कराने की मांग की थी.
बिना डेटा वाले उपभोक्ताओं के लिए भी मिलेगा विकल्प
नए प्रावधानों के तहत ऐसे उपभोक्ताओं के लिए केवल आवाज और संदेश वाले रिचार्ज प्लान का विकल्प भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिन्हें मोबाइल डेटा की जरूरत नहीं होती. ऐसे लोग मुख्य रूप से फोन कॉल और संदेश के लिए मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं. इससे कम बजट वाले उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के अनुसार रिचार्ज चुनने का विकल्प मिल सकेगा. जिन लोगों को इंटरनेट डेटा की जरूरत नहीं है, उन्हें डेटा वाले प्लान के लिए अतिरिक्त पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
राघव चड्ढा ने सरकार और ट्राई का जताया आभार
राघव चड्ढा ने अपनी पोस्ट में कहा कि कई लोगों ने सीमित और सुविधाजनक रिचार्ज विकल्प नहीं होने को लेकर अपनी चिंताएं उनके साथ साझा की थीं. उन्होंने कहा कि उन्होंने 11 मार्च को संसद में यह मुद्दा उठाया था और उपभोक्ताओं के लिए अधिक विकल्प तथा सस्ते रिचार्ज प्लान की मांग की थी. उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं की बेहतर पसंद और सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन चिंताओं के समाधान के लिए वह भारत सरकार और ट्राई के आभारी हैं.
रिचार्ज खत्म होने पर इनकमिंग बंद होने का भी उठाया था मुद्दा
राघव चड्ढा ने इससे पहले संसद में प्रीपेड मोबाइल उपभोक्ताओं से जुड़ी एक और समस्या का मुद्दा उठाया था. उन्होंने कहा था कि रिचार्ज की वैधता खत्म होने के बाद कई उपभोक्ताओं के लिए आउटगोइंग के साथ इनकमिंग सेवा भी बंद हो जाती है. उन्होंने यह भी कहा था कि देश में साल में 12 महीने होते हैं, लेकिन 28 दिन की वैधता वाले रिचार्ज के कारण उपभोक्ताओं को साल में 13 बार रिचार्ज कराना पड़ता है. इसके अलावा उन्होंने यह मुद्दा भी उठाया था कि बहुत से मोबाइल उपभोक्ता डेटा का इस्तेमाल नहीं करते हैं, ऐसे में उन्हें केवल कॉल और संदेश की जरूरत के हिसाब से रिचार्ज का विकल्प मिलना चाहिए.
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