पाकिस्तान-चीन की उड़ी नींद, भारत का ‘ऑपरेशन त्रिशूल’ बॉर्डर पर मचाएगा हड़कंप

Operaion Trishul : एक बार फिर पश्चिमी राजस्थान में मरुस्थल से लेकर गुजरात के सर क्रीक तक भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर रण होगा. बता दें कि इस रण का नाम ऑपरेशन त्रिशूल रखा गया है.  प्राप्त जानकारी के अनुसार ‘ऑपरेशन त्रिशूल’ भारत के तीनों सेनाओं का संयुक्त युद्धाभ्यास है और इसे देखकर पाकिस्तान की सेना के साथ चीन की भी नींद उड़ जाएगी. इस युद्धाभ्यास की  शुरुआत आज यानी 30 अक्टूबर से होगी, जो 13 दिन तक यानी आगामी 10 नवंबर तक चलेगा. ऐसे में इसके लिए नोटम जारी किया गया है.

जानकारी के मुताबिक, 13 दिनों तक लगातार भारत-पाक बॉर्डर पर यह युद्धाभ्यास अब तक का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास होगा. इसके साथ ही  इस ऑपरेशन सिंदूर में तीनों सेनाओं के 30 हजार जवान संयुक्त रूप से शामिल होंगे. जानकारी देते हुए बता दें कि इसमें भारत की तीनों सैन्य शक्तियां एक साथ अपना पराक्रम दिखाएंगी. ऑपरेशन त्रिशूल में डीप स्ट्राइक और मल्टी-डोमेन वॉरफेयर का अभ्यास करेंगी.

अभ्यास के दौरान अभियान

क्रीक और रेगिस्तानी क्षेत्रों में आक्रामक अभियानों (Offensive Manoeuvres),

क्षमताओं से जुड़े बहु-डोमेन (Multi-Domain) अभियानों का आयोजन किया जाएगा

सौराष्ट्र तट के पास उभयचर अभियानों (Amphibious Operations),

तथा इंटेलिजेंस, सर्विलांस एवं रिकॉनिसेंस (ISR), इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर (EW) और साइबर

संयुक्त इंटीग्रेटेड कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर की स्थापना

जानकारी के मुताबिक, यह केवल अभ्यास नहीं, बल्कि भारत की आत्मनिर्भरता और वास्तविक ऑपरेशन क्षमता को एक साथ प्रदर्शित करने वाली सामरिक पहल है और साथ ही तीनों सेनाओं के बीच एक संयुक्त इंटीग्रेटेड कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर की स्थापना की गई है, जो इस अभ्यास की रीढ़ है.

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