विदेश दौरे से लौटते ही एक्शन मोड में पीएम मोदी,सेवा तीर्थ में मंत्रिपरिषद की बैठक शुरू

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की यात्रा पूरी करने के बाद गुरुवार को भारत लौटे हैं, और विदेश दौरे से लौटते ही बड़ी मंत्रिपरिषद बैठक कर रहे हैं. यह बैठक दिल्ली के ‘सेवा तीर्थ’ में शुरू हो चुकी है. इसमें सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य मंत्री शामिल हुए हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह बैठक करीब 4 से 5 घंटे तक चल सकती है. आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी हाल ही में UAE, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली के दौरे से लौटे हैं. इस विदेश यात्रा के दौरान उन्होंने कई वैश्विक नेताओं से मुलाकात की और भारत के रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया.

11 महीने बाद हो रही अहम बैठक
इससे पहले पिछले साल 4 जून को मंत्रिपरिषद की बैठक हुई थी। 9 जून को मोदी सरकार के 12 साल पूरे हो रहे हैं। पिछले बारह वर्षों के कामकाज की रिपोर्ट भी दी जाएगी। सभी मंत्रालयों से पिछले 12 वर्षों में चलाई गई सफल योजनाओं की सूची मांगी गई है। करीब 11 महीने बाद हो रही इस मंत्रिपरिषद बैठक को सरकार की “मिड-टर्म रिव्यू” के रूप में देखा जा रहा है. मीडिया रिपोर्टस के अनुसार, कई मंत्रालय अपने कामकाज और उपलब्धियों का प्रजेंटेशन देंगे. ऊर्जा, वित्त, रेलवे, कृषि, सड़क परिवहन, वाणिज्य, श्रम, पर्यावरण और परमाणु ऊर्जा जैसे मंत्रालयों पर खास फोकस रहने की संभावना है. बताया जा रहा है कि पीएम मोदी मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड की समीक्षा कर सकते हैं और आने वाले महीनों के लिए नई रणनीति तय कर सकते हैं.

कैबिनेट फेरबदल की अटकलें तेज
वहीं दूसरी तरफ राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि बैठक के बाद मंत्रिमंडल में बदलाव हो सकता है. कुछ मंत्रियों के प्रदर्शन को लेकर सरकार समीक्षा कर सकती है. सोशल मीडिया पर भी कैबिनेट फेरबदल को लेकर लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं. हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों और NDA की राजनीतिक स्थिति को देखते हुए इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है.

पश्चिम एशिया संकट पर सरकार की चिंता
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का असर और अमेरिका-ईरान तनाव का असर भारत पर भी दिखाई देने लगा है. सरकार तेल, गैस और एलपीजी सप्लाई को लेकर लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है. रिपोर्ट्स के अनुसार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अगुवाई में पहले ही एक उच्चस्तरीय समूह बनाया जा चुका है जिसमें गृहमंत्री अमित शाह ,वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और हरदीप सिंह शामिल हैं. सरकार का कहना है कि देश में फिलहाल ईंधन का पर्याप्त भंडार है, लेकिन वैश्विक हालात को देखते हुए स्थिति पर पल-पल निगरानी रखी जा रही है.

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