78 साल बाद बदलेगा PMO का पता, अब ‘सेवा तीर्थ’ से चलेगी सरकार, PM Modi करेंगे उद्घाटन

Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

New PMO Office: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शुक्रवार से प्रधानमंत्री कार्यालय का पता बदल जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाईटेक ऑफिस और स्मार्ट ग्रिड वाले नए कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ का उद्घाटन करेंगे. उनके नए कार्यालय की तस्वीर भी सामने आई है.

पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

प्रधानमंत्री मोदी दोपहर लगभग डेढ़ बजे ‘सेवा तीर्थ’ भवन परिसर के नामकरण का अनावरण करेंगे. इसके बाद वे सेवा तीर्थ और कर्तव्य भवन-1 व कर्तव्य भवन-2 का औपचारिक उद्घाटन करेंगे. प्रधानमंत्री शाम लगभग 6 बजे सेवा तीर्थ में एक जनसभा को संबोधित भी करेंगे. सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री कार्यालय होगा. इसके अलावा, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय भी होंगे, जो पहले अलग-अलग जगहों पर बने हुए थे.

कैसा है New PMO Office

कर्तव्य भवन-1 और कर्तव्य भवन-2 में वित्त मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय, संस्कृति मंत्रालय, विधि एवं न्याय मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय और जनजातीय कार्य मंत्रालय सहित कई प्रमुख मंत्रालय बनाए गए हैं.

इन समस्याओं से अब मुक्ति मिल जाएगा

दशकों से कई प्रमुख सरकारी कार्यालय और मंत्रालय सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में कई स्थानों पर फैले हुए खंडित और पुरानी अवसंरचनाओं से कार्य करते रहे. प्रमुख कार्यालयों के इस फैलाव के कारण परिचालन में अक्षमताएं, समन्वय संबंधी चुनौतियां, रखरखाव की बढ़ती लागत और काम करने के लिए अनुपयुक्त वातावरण जैसी समस्याएं उत्पन्न हुईं. आधुनिक और भविष्य के लिए तैयार सुविधाओं से युक्त नए भवन परिसर के भीतर प्रशासनिक कार्यों को समेकित करके इन समस्याओं से अब मुक्ति मिल जाएगा.

क्या क्या हैं सुविधाएं

दोनों भवन परिसरों में डिजिटल रूप से एकीकृत कार्यालय, सुव्यवस्थित सार्वजनिक संपर्क क्षेत्र और केंद्रीकृत स्वागत सुविधाएं मौजूद हैं. ये सुविधाएं सहयोग, दक्षता, सुचारू संचालन, नागरिकों की बेहतर भागीदारी और कर्मचारियों के कल्याण को बढ़ावा देंगी. 4-स्टार जीआरआईएचए मानकों के अनुसार डिजाइन किए गए इन परिसरों में नवीकरणीय ऊर्जा प्रणालियां, जल संरक्षण उपाय, अपशिष्ट प्रबंधन समाधान और उच्च-प्रदर्शन वाली भवन संरचनाएं शामिल हैं.

सुरक्षित और सुलभ वातावरण होगा सुनिश्चित 

इन उपायों से परिचालन दक्षता बढ़ेगी और पर्यावरणीय प्रभाव को काफी हद तक कम किया जाएगा. भवन परिसरों में स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल सिस्टम, निगरानी नेटवर्क और उन्नत आपातकालीन प्रतिक्रिया अवसंरचना जैसी व्यापक सुरक्षा व्यवस्थाएं भी शामिल हैं, जिनसे अधिकारियों और आगंतुकों के लिए एक सुरक्षित और सुलभ वातावरण सुनिश्चित होगा.

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