बॉम्बे हाईकोर्ट से राहुल गांधी को बड़ा झटका, मानहानि का केस रद्द करने से इनकार, PM मोदी के खिलाफ की थी टिप्पणी

Mumbai: बॉम्बे हाईकोर्ट से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को झटका लगा है. कोर्ट ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित ‘चौकीदार चोर है’ की टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी को राहत नहीं दी है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की इस टिप्पणी पर आपराधिक मानहानि केस रद्द करने से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है. इस मामले में राहुल गांधी ने मजिस्ट्रेट कोर्ट की ओर से जारी समन को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी.

शिकायत सुनवाई योग्य नहीं

राहुल की ओर से तर्क दिया गया था कि शिकायत सुनवाई योग्य नहीं है. उनकी ओर से कहा गया था कि कथित बयान में किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया था और न ही किसी ‘पहचाने जा सकने वाले या निश्चित वर्ग’ को निशाना बनाया था. मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस नितिन बोरकर की सिंगल बेंच ने राहुल गांधी की दलील को खारिज कर दिया. बेंच ने कहा कि भाजपा एक पंजीकृत राष्ट्रीय राजनीतिक दल है और इसलिए वह निश्चित रूप से एक पहचान योग्य संस्था है.

दो दशक से भाजपा का सक्रिय सदस्य

कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता का दावा है कि वह दो दशक से भाजपा का सक्रिय सदस्य रहा है. पहली नजर में प्रधानमंत्री को, जो भाजपा के सदस्य हैं, ‘कमांडर-इन-थीफ’ बताने वाले बयान को सिर्फ पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व तक सीमित नहीं माना जा सकता. कोर्ट के मुताबिक, इस बयान का वास्तविक आशय क्या था और इसका पार्टी के सदस्यों पर क्या प्रभाव पड़ा, यह सवाल मुकदमे के दौरान विचार किया जाना है.

राजनीतिक दल का नहीं लिया था नाम 

राहुल गांधी के वकील सुदीप पासबोला ने हाईकोर्ट में दलील दी कि कथित एक्स पोस्ट में राहुल गांधी ने भाजपा या किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया था. उन्होंने कहा कि किसी ‘पहचाने जा सकने वाले या निश्चित वर्ग’ को निशाना नहीं बनाया गया है. ऐसे में कोई स्पष्ट रूप से पीड़ित व्यक्ति या समूह मौजूद नहीं है, इसलिए शिकायतकर्ता के पास आपराधिक मानहानि का मामला चलाने का अधिकार नहीं है.

महाराष्ट्र सरकार की ओर से भी विरोध

राहुल गांधी की याचिका का महाराष्ट्र सरकार की ओर से भी विरोध किया गया. महाराष्ट्र के एडवोकेट जनरल की ओर से कहा गया कि हाईकोर्ट को यह देखना होगा कि मानहानि के अपराध के लिए जरूरी तत्व मौजूद हैं या नहीं. साथ ही यह भी देखना होगा कि क्या टिप्पणी किसी निश्चित और पहचान योग्य समूह से संबंधित थी.

इसे भी पढ़ें. पेट्रोल की लिमिट तय, उससे ज्यादा खरीदते ही दोगुना देना होगा दाम; ईरान का बड़ा फैसला

Latest News

Bhadrapada Amavasya 2026: पितृ दोष से पाना चाहते हैं मुक्ति? भाद्रपद अमावस्या पर 7 स्टेप में करें पितरों का तर्पण

भाद्रपद अमावस्या 11 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन पितरों का तर्पण, स्मरण और दान-पुण्य किया जाता है. जानिए 7 स्टेप में तर्पण की विधि.

More Articles Like This

Exit mobile version