Bharat Express Mega Conclave: सनातन और राजनीति अलग नहीं, कर्तव्यों का निर्वहन ही असली धर्म – आचार्य पवन त्रिपाठी

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Bharat Express 3rd Anniversary: भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क के तीसरे स्थापना दिवस पर आयोजित मेगा कॉन्क्लेव में आचार्य पवन त्रिपाठी ने ‘सनातन’ की व्यापक परिभाषा और राजनीति के साथ इसके अंतर्संबंधों पर चर्चा की. उन्होंने समाज के समग्र विकास के लिए सनातन मूल्यों को अपनाने पर जोर दिया.

कर्तव्यों का पालन ही सनातन धर्म

अक्सर होने वाली राजनीतिक बहस के बीच आचार्य पवन त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि सनातन और राजनीति दो अलग-अलग ध्रुव नहीं हैं. उन्होंने कहा, “हमारे यहाँ जो शाश्वत रहे और जिसे धारण किया जाए, वही सनातन है. अपने कर्तव्यों का अच्छे तरीके से निर्वहन करना ही वास्तव में सनातन धर्म है.” उन्होंने बताया कि चाहे कोई राजनीति में हो या किसी अन्य क्षेत्र में, यदि वह अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से पूरा करता है, तो वह सनातन मार्ग पर ही चल रहा है.

मन, बुद्धि और आत्मा का विकास समान

आचार्य पवन त्रिपाठी ने विकास के एक नए मॉडल की वकालत करते हुए कहा कि केवल रोटी, कपड़ा और मकान से शरीर की जरूरतें पूरी हो सकती हैं, लेकिन एक संपूर्ण मनुष्य बनने के लिए शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा—इन चारों का समान रूप से विकसित होना अनिवार्य है. उनके अनुसार, जब व्यक्ति इन चारों स्तरों पर विकसित होगा, तभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘विकसित भारत 2047’ का संकल्प पूर्ण रूप से सफल हो पाएगा.

देश की समृद्धि का आधार

चर्चा के दौरान उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भारतवर्ष सनातन धर्मियों का देश है और यहाँ की प्रगति वेदों, पुराणों और उपनिषदों में बताए गए जीवन मूल्यों के अनुरूप चलने से ही संभव है. उन्होंने कहा कि जब पूरा देश इन गौरवशाली वाक्यों और सिद्धांतों को अपने कार्यक्षेत्र में उतारेगा, तभी भारत विश्व पटल पर एक समृद्ध राष्ट्र के रूप में उभरेगा.

भारत एक्सप्रेस के मेगा कॉन्क्लेव में आचार्य पवन त्रिपाठी ने सनातन को केवल पूजा-पाठ तक सीमित न रखकर उसे कर्तव्य और राष्ट्र के प्रति समर्पण से जोड़कर एक नई दृष्टि प्रदान की. कार्यक्रम के अंत में भारत एक्सप्रेस के सीएमडी उपेंद्र राय ने उन्हें इस महत्वपूर्ण योगदान के लिए सम्मानित भी किया.

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