Bharat Express 3rd Anniversary: भारत एक्सप्रेस कॉन्क्लेव में केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने बताया कि उन्हें बीजपी में प्रवेश माननीय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने दिया था. उनके पास वह ऐतिहासिक फोटो है जिसमें अटल जी ने उन्हें हार पहनाया था. 1991 से वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के संपर्क में आए और उनके काम करने के तरीके से सीखा कि संगठन में कैसे जुड़ना चाहिए, प्रामाणिकता के साथ काम करना चाहिए और समय पर काम पूरा करना चाहिए.
आतंकवाद और पानी साथ-साथ नहीं
पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी ने साफ कहा था कि आतंकवाद और पानी साथ-साथ नहीं चल सकते. उन्होंने जोड़ा कि जब मोदी जी ने यह निर्णय लिया है तो पाकिस्तान को एक बूंद पानी भी नहीं जाने देंगे. सिंधु नदी का पानी बारहमासी है और यह जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान जैसे राज्यों की जरूरत पूरी कर सकता है. इस पर काम तेजी से चल रहा है और जल्द ही राज्यों को इसका लाभ मिलेगा.
हर घर नल से जल
उन्होंने बताया कि 2014 में जब मोदी जी ने देखा कि महिलाओं को पानी के लिए दूर जाना पड़ता है, तब हर घर नल से जल योजना शुरू की गई. उस समय केवल 3.29 करोड़ घरों में पानी पहुंचता था. अब तक 12.58 करोड़ नए कनेक्शन दिए गए हैं और कुल मिलाकर 15.85 करोड़ घरों तक पानी पहुंच चुका है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस योजना को 2028 तक बढ़ा दिया है और इसके लिए 67,600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.
स्वच्छता और महिलाओं की सुरक्षा
पाटिल ने कहा कि विकसित भारत की दिशा में सबसे पहले घरों में शौचालय बनाए गए. करीब 12 करोड़ शौचालय बनाकर महिलाओं को सुरक्षित किया गया. पहले उन्हें अंधेरे में बाहर जाना पड़ता था जिससे कई समस्याएं होती थीं. WHO की रिपोर्ट के अनुसार, खुले में शौच के कारण हर साल हजारों बच्चों की मौत होती थी. अब यह स्थिति बदल गई है.
महिलाओं को सशक्त बनाना
‘नल से जल’ योजना से 9 करोड़ महिलाओं को रोज पानी लाने से मुक्ति मिली. पहले उन्हें दूर जाना पड़ता था और खराब पानी पीना पड़ता था जिससे बीमारियाँ होती थीं. WHO के अनुसार, गंदे पानी के कारण देश में 8.4 लाख करोड़ रुपये तक का मेडिकल खर्च होता था. अब महिलाओं का समय बचा है और वे बच्चों की पढ़ाई व आर्थिक कामों में समय दे रही हैं. सरकार ने 24.80 लाख महिलाओं को पानी की क्वालिटी चेक करने की ट्रेनिंग दी और 8 लाख महिलाओं ने पोर्टल पर रिपोर्ट भी डाली.
बिहार और गुजरात का चुनावी अनुभव
पाटिल ने कहा कि 2015 में वे बिहार के सह-प्रभारी थे. उनका मानना है कि जाति की राजनीति आम जनता में कम और नेताओं में ज्यादा होती है. गांवों में लोग साथ रहते हैं और साथ काम करते हैं. मोदी जी और नीतीश कुमार जी के नेतृत्व में काम आसान हो गया. उन्हें 78 सीटों की जिम्मेदारी दी गई थी, जिनमें से 68 जीतीं.
गुजरात में उन्होंने 182 सीट जीतने का लक्ष्य रखा था. 156 सीटें जीतीं और 20 सीटें बहुत कम अंतर से हारीं. उन्होंने कहा कि गुजरात में हर घर में मोदी जी के लिए लगाव है, इसलिए वहाँ चुनाव लड़ना आसान था. इस तरह सी.आर. पाटिल ने अपने राजनीतिक सफर, जलशक्ति मंत्रालय की उपलब्धियों और चुनावी अनुभवों को साझा किया.

