Arjun Ram Meghwal attack on Congress: भारत एक्सप्रेस के कॉन्क्लेव में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल (Arjun Ram Meghwal) ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस, पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कांग्रेस पर संविधान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया और इमरजेंसी के दौर की कड़ी आलोचना की. साथ ही संसद के बजट सत्र में लगातार हो रहे हंगामे को लेकर भी विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया. मेघवाल ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करना सभी दलों की जिम्मेदारी है और संसद को सुचारू रूप से चलाना देशहित में बेहद जरूरी है.
मोदी सरकार में कमजोर वर्गों को सीधा लाभ
संविधान संशोधन के मुद्दे पर बोलते हुए मेघवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किए गए संशोधन सामाजिक न्याय को मजबूत करने वाले हैं. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने कई ऐसे कदम उठाए हैं, जिनसे समाज के कमजोर वर्गों को सीधा लाभ मिला है. उदाहरण के तौर पर उन्होंने ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का उल्लेख किया. उनके मुताबिक ये फैसले सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं.
इमरजेंसी में संविधान में संशोधन किए- मेघवाल
अर्जुन राम मेघवाल ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उसने अपने शासनकाल में संविधान का इस्तेमाल सत्ता बचाने के लिए किया. उन्होंने कहा कि इमरजेंसी के समय तत्कालीन सरकार ने अपने राजनीतिक हितों की रक्षा के लिए संविधान में बदलाव किए थे. उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज जगमोहन लाल सिन्हा के ऐतिहासिक फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि उस फैसले के बाद सत्ता में बनी रहने के लिए तत्कालीन सरकार ने संविधान में संशोधन किए, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ थे.
संसद में हंगामे को लेकर क्या कहा?
संसद के बजट सत्र में हो रहे हंगामे पर भी मेघवाल ने विपक्ष को घेरा. उन्होंने कहा कि लोकसभा में स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले विपक्षी नेता अब उसी प्रस्ताव पर चर्चा से बचते नजर आ रहे हैं. उनके अनुसार विपक्ष के भीतर ही इस मुद्दे को लेकर दुविधा की स्थिति है.
कानून मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ विपक्षी नेता संसद की कार्यवाही बाधित कर अव्यवस्था पैदा करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में संवाद और बहस जरूरी है, लेकिन बार-बार हंगामा कर संसद की कार्यवाही रोकना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है. मेघवाल ने सभी दलों से अपील करते हुए कहा कि संसद को सही तरीके से चलाना और लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करना देश के हित में है.