Up Cabinet Meeting: गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई. इस बैठक में योगी सरकार ने प्रदेश के शिक्षकों को बड़ी सौगात दी है. अब शिक्षकों को भी राज्य कर्मचारियों की तरह ही कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी. बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दो दी गई है. इस फैसले से 11.92 लाख से ज्यादा शिक्षकों को सीधा लाभ मिलेगा. आयुष्मान व्यवस्था के माध्यम से इस फैसले को लागू किया जाएगा. इस फैसले से शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक व रसोइया सभी लाभांवित होंगे. इस फैसले के क्रियान्वयन में 358.61 करोड़ रुपये की लागत आएगी.
बैठक में माध्यमिक शिक्षा विभाग को भी कैशलेस सुविधा की मंजूरी दे दी गई है. इससे दो लाख 97 हजार 579 कर्मचारी लाभांवित होंगे. वहीं, सरकार पर 89.25 करोड़ रुपये का व्यय भार पड़ेगा. हालांकि, जो कर्मचारी पहले से ही किसी सरकारी योजना, जैसे आयुष्मान से आच्छादित हैं, उन्हें इसका लाभ नहीं दिया जाएगा.
मालूम हो कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते वर्ष के 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर शिक्षकों के लिए कैशलेश चिकित्सा सुविधा देने की घोषणा की थी. विभाग की ओर से इस योजना को आयुष्मान योजना की तरह लागू करने की तैयारी है. यह सुविधा पूरी तरह कैशलेश है. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 32 में से 30 प्रस्ताव पास हो गए. सिर्फ 14वां और 17वां प्रस्ताव ही रोका गया.
बैठक में लिए गए अन्य फैसले
1- बैठक में शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को मंजूरी दे दी गई.
2- नक्शा पास करने की प्रक्रिया सरल की जाएगी, जिससे कि लोग नक्शा जरूर पास कराएं. विकास शुल्क के संशोधित प्राइस लागू किए जाएंगे.
3- बरेली में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना होगी.
4- मुरादाबाद में भी नक्षत्रशाला और विज्ञान पार्क की स्थापना होगी.
आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर मंजूरी
बैठक में आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को लेकर मंजूरी दी गई. पीड़ितों को सरकारी आवास और भूमि का पट्टा दिया जाएगा. बहराइच में राजस्व ग्राम परतापुर पर सहित अन्य ग्रामों में आपदा प्रभावित परिवारों को पुनर्वास के लिए भूमि की व्यवस्था करने के निर्देश सीएम में दिए थे. 29 लोग नदी पार कर रहे थे, जिनमें 9 लोगों की मृत्यु हो गई थी. आपदा प्रभावित गांव का हवाई सर्वेक्षण किया गया और परतापुर के गांव के लोगों को पुनर्वासित किया गया. मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत दिया गया. 136 परिवारों को जमीन का पट्टा दिया जाएगा और उनके आवास का भी पट्टा होगा और मुख्यमंत्री आवास के तहत आवास दिया जाएगा, जितनी खेती की जरूरत होगी वैसे ही उनका खेती के लिए भी पट्टा दिया जाएगा.