Mayawati BSP Leadership Changes: बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स (ट्विटर) पर एक विस्तृत बयान जारी कर पार्टी संगठन और उत्तराधिकार को लेकर कई बड़े फैसलों का ऐलान किया है.
बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने परिवार के राजनीतिक भविष्य को लेकर एक बार फिर बड़ा फैसला लिया है. मायावती ने साफ किया है कि उनके भाई आनंद कुमार की बेटी कुमारी दीपिका आनंद को भी पार्टी में कोई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी. इसके साथ ही उन्होंने अपने छोटे भतीजे ईशान आनंद को पार्टी में सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाने की बात कही है.
1. आज मेरा पुनः पार्टी के लोगों से यही कहना है कि मेरे ख़ुद के अनुभव को मद्देनज़र रखते हुये यदि इनको राजनीति में कामयाब होना है और समाज के लिए कुछ करना है तो उन्हें मेरी तरह अपने भाई-बहिनों व नज़दीकी रिश्ते-नातों आदि के मोह से ऊपर उठकर अपनी पूरी ईमानदारी व निष्ठा से कार्य करना…
— Mayawati (@Mayawati) September 20, 2026
मायावती ने कहा कि आकाश आनंद शादी के बाद अपने ससुर अशोक सिद्धार्थ के प्रभाव में आ गए हैं और उनकी गतिविधियों की वजह से उन्हें पार्टी से अलग कर दिया गया है. उन्हें पार्टी में वापस लेना एक बड़ा विश्वासघात होगा. आकाश आनंद और उनकी बहन को पार्टी की किसी भी जिम्मेदारी से दूर रखते हुए मायावती ने फैसला किया है कि अब आनंद कुमार के छोटे बेटे श्री ईशान आनंद को पार्टी में सम्मानजनक जिम्मेदारी देकर आगे बढ़ाया जाएगा.
मायावती ने यह स्पष्ट किया कि यदि ईशान आनंद ने भी पार्टी विरोधी कार्य किया तो उन्हें भी बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा. ऐसी स्थिति में परिवार के किसी अन्य सदस्य को जिम्मेदारी देने के बजाय दलित समाज के ही किसी निष्ठावान और मिशनरी कार्यकर्ता को आगे लाया जाएगा. इन तमाम फैसलों और देश के जरूरी मुद्दों पर चर्चा के लिए मायावती ने 23 सितंबर को बीएसपी की ऑल-इंडिया स्तर की अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है.
अपने इस कठोर फैसले को जायज ठहराते हुए मायावती ने मान्यवर कांशीराम जी की परंपरा और 23 फरवरी 1956 को डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा अपने पुत्र यशवंत आंबेडकर को लिखे पत्र का जिक्र किया, जिसमें बाबा साहेब ने सार्वजनिक संपत्ति और पार्टी हित में पारिवारिक संबंधों से ऊपर उठने की बात कही थी.

