CM Yogi: योगी सरकार की ओर से शनिवार को प्रदेश भर में 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र का वितरण किया गया. उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग व उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया के तहत व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग में अनुदेशक, सूक्ष्म-लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग में सहायक सांख्यिकीय अधिकारी, आयुष विभाग में प्रोफेसर, रीडर, लेक्चरर व फार्मासिस्ट तथा चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में एक्स-रे टेक्नीशियन के पद पर चयनित युवाओं को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र मिला.
21 युवाओं अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपी सीएम योगी ने
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘मिशन रोजगार’ के अंतर्गत शनिवार को एक लाख नई नौकरियों का शुभारंभ किया. नवचयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए. सीएम योगी ने 21 युवाओं को अपने हाथों से नियुक्ति पत्र सौंपे और उन्हें शुभकामनाएं दीं. सरकार पर प्रश्न खड़ा करने वाले समाजवादी पार्टी के नेताओं से सीएम योगी ने कहा, आप गिनते जाइए, हम छह महीने में एक लाख से अधिक नौजवानों को नियुक्ति देंगे. आज तीन विभागों के नियुक्ति पत्र दे रहे हैं.
हमने मॉडर्न व ट्रेडिशनल मेडिसिन पर काम किया
उन्होंने कहा कि हमने मॉडर्न व ट्रेडिशनल मेडिसिन पर काम किया. अब आयुष विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेज आदि बन रहे हैं. भर्ती प्रक्रिया (विज्ञापन से नियुक्ति पत्र वितरण तक) की समयबद्धता, मेरिट को लेकर समीक्षा हो रही है. पहले विज्ञापन जारी होते ही सिंडिकेट व गिरोह वसूली के धंधे में व्यस्त हो जाते थे. बची-खुची कसर इंटरव्यू पूरी कर देता था. हमने ग्रुप-3 व 4 भर्ती में इंटरव्यू सिस्टम समाप्त कर दिया.
#WATCH | Lucknow | Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath attends appointment letter distribution programme for candidates selected by UPPSC and UPSSSC. pic.twitter.com/Gkm847gTEp
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) September 19, 2026
गदर मचाने वाले काउंट करें, हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे
सीएम योगी ने कहा कि अब तक साढ़े 9 लाख नौजवानों को नियुक्ति दी गई है. हम छह महीने के अंदर एक लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र देने जा रहे हैं. 2017 के पहले गदर मचाने वाले काउंट करें, हम नियुक्ति पत्र देते जाएंगे. 2017 के पहले तत्कालीन सरकार ने आयोगों-बोर्डों में भाई-भतीजों को बैठाकर पूरी प्रक्रिया को बदनाम कर दिया था.
एक भी भर्ती ईमानदारी से नहीं होती थी. युवाओं के सामने एक तरफ कुआं तो दूसरी तरफ खाई थी. यूपी में नौकरी थी नहीं और बाहर पहचान का संकट था, जिससे उनके सपने तार-तार होते थे. तत्कालीन सरकार की भ्रष्ट-भेदभावपूर्ण कार्यप्रणाली व बीमारू मानसिकता के कारण यूपी बीमारू हो गया था.
2017 में युवाओं ने सरकार बदलने का बड़ा फैसला लिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले एक अयोग्य व्यक्ति को उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन का चेयरमैन बना दिया गया. उसके गदर के कारण न्यायालय को और सड़क पर उतर कर युवाओं को कहना पड़ा कि इसे जिंदगी भर जेल में सड़ाओ. 2017 में युवाओं ने सरकार बदलने का बड़ा फैसला भी लिया. हमारी सरकार ने पीएम मोदी के विजन के अनुरूप मिशन रोजगार के कार्यक्रम को बढ़ाया.
पिछली सरकार नौजवान की शक्ति, ताकत व प्रतिभा को सम्मान नहीं दे पाई. हमने यूपी की स्ट्रेंथ को इकॉनमिक अपॉर्च्युनिटी माना. उन्होंने यूपी के अंदर अवसरों को लॉक कर दिया था, हमने उस पोटेंशियल को प्रतिभाशाली युवाओं के जरिए अनलॉक करने का प्रयास किया. इसका परिणाम अब दिख रहा है.
अब हम काले धब्बे से हुए हैं मुक्त
सीएम योगी ने आरोप लगाया कि 2017 से पहले उपदेशक चाचा-भतीजे की जोड़ी बेखौफ नौकरियों पर डकैती डालने निकलती थी, लेकिन 2027 के बाद ये उपदेश देने लायक भी नहीं रह पाएंगे. उत्सव प्रदेश को उपद्रव प्रदेश बनाने वालों को, किसानों को आत्महत्या और यूपी के नागरिकों को भूखे मरने के लिए उनके हाल पर छोड़ने वालों को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह मामला गलती का नहीं, बल्कि शरारत का था. हम अब इस काले धब्बे से मुक्त हुए हैं.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन सभागार में आयोजित भव्य कार्यक्रम में विभिन्न विभागों में चयनित 818 युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए. इस दौरान मिशन रोजगार पर लघु फिल्म भी दिखाई गई. सीएम ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग व उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के पदाधिकारियों को बधाई दी और कहा कि आयोग व बोर्ड जब शासन की राजनीति का शिकार नहीं होते और परीक्षा की शुचितापूर्ण प्रक्रिया संपन्न होती है तो परिणाम भी ऐसे ही दिखते हैं.

