CM योगी बोले- आज कोई शोहदा बेटी को छेड़ नहीं सकता, उसको अंजाम पता है, भर्तियों में हावी था भाई-भतीजावाद

Ved Prakash Sharma
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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CM Yogi: नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम लखनऊ में रविवार को लोकभवन में आयोजित हुआ. इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस विभाग के 912 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे. कार्यक्रम में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना सहित अन्य मंत्री व अधिकारी मौजूद रहे.

चयनित अभ्यर्थी पुलिस विभाग में देंगे अपनी सेवाएं

इन अभ्यर्थियों का चयन उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की चयन प्रक्रिया के तहत किया गया है. चयनित अभ्यर्थियों में पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पद शामिल हैं. ये सभी चयनित अभ्यर्थी पुलिस विभाग में अपनी सेवाएं देंगे.

CM Yogi handed over appointment letters to 912 selected candidates of Police Department

पहले भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं में निराशा थी

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 से पहले भर्ती प्रक्रिया को लेकर युवाओं में निराशा थी. इसमें बदलाव लाया जा सकता था. भाई-भतीजावाद हावी था. 2017 से पहले जो एप्लीकेंट ही नहीं थे, उनका भी चयन हो जाता था. यानी, जो भर्ती में शामिल ही नहीं हुआ, उसे नौकरी मिल जाती थी. जब हम आए तब इस पर बदलाव किया. ग्रुप सी और डी पर हमने साक्षात्कार की व्यवस्था खत्म कर दी. पहले साक्षात्कार में खेल कर दिया जाता था. हमने इस चरण को ही खत्म कर दिया.

यूपी में हर दूसरे दिन होते थे दंगे

सीएम योगी ने कहा कि सारे पद पहले जैसे ही हैं, सिर्फ काम करने का तरीका बदला है. ऐसा भी नहीं है कि हम गोरखपुर, दिल्ली या बाहर के प्रदेशों से अधिकारी लाकर काम कर रहे हैं. सारा मानवबल वही है. कार्य करने के तरीके में बदलाव आया है. यूपी में हर दूसरे दिन दंगे होते थे. महीनों-महीनों कर्फ्यू रहता था. मुजफ्परनगर में तो छह महीने दंगे होते रहे. कोसीकलां से दंगा शुरू होता था.

महाकुंभ में श्रद्धालुओं को गलत बोलने के लिए उकसाया जाता था

मुख्यमंत्री ने कहा कि माफिया का काफिला आने पर ज्यूडिशरी के अधिकारियों का भी काफिला रोक दिया जाता था. पहले माफिया निकलता था. आज कोई असलहा लहरा सकता है. आज कोई त्योहारों के पहले दंगा कर सकता है. आज यूपी पुलिस ने करके दिखाया है, जो पहले कभी नहीं हुआ था. हमने उपद्रव पूर्ण प्रदेश को उत्सव पूर्ण प्रदेश के रूप में बदला है. महाकुंभ में 66 करोड़ श्रद्धालु आए. लोग उनसे बोलते थे कुछ तो गलत बोलिए, वो लोग कहते थे खाक कुछ बोले, इतनी अच्छी व्यवस्था है.

आज यूपी पुलिस के मॉडल की चर्चा होती है

2017 से पहले जिनके पास क्षमता थी, वो यूपी से बाहर बेटियों को रखते थे. जिनके पास क्षमता नहीं होती थी, वो घर में ही रखते थे. आज कोई शोहदा बेटी को छेड़ नहीं सकता. उसको अंजाम पता है. यदि वह ऐसी हरकत करता है तो वह अपने डेथ सेंटेंस पर खुद साइन कर रहा है. आज यूपी पुलिस के मॉडल की चर्चा होती है. लोग कहते हैं कि अब दंगा नहीं होता है. सीएम योगी ने सपा पर तंज कसा कि आज हम दंगों की मॉक ड्रिल कराते हैं, ताकि लोग भूल न जाएं.

पहले पुलिस की जमीन पर माफिया का कब्जा थाः सीएम योगी 

सीएम योगी ने कहा कि यूपी पुलिस के पास आज 60 हजार पुलिसकर्मियों की ट्रेनिंग की क्षमता विकसित हो चुकी है. इतने बड़े राज्य में 10 हजार महिला पुलिसकर्मी नहीं थी, आज यह संख्या 44 हजार से अधिक हो चुकी है. पहले माफिया सरकार का संचालन करते थे. पहले केवल दो फोरेंसिक लैब थी. जब हम फोरेंसिक इंस्टीट्यूट के लिए लैंड खोज रहे थे. तब उस समय के डीजीपी ने कहा पुलिस के पास लैंड तो है, लेकिन उस पर माफिया का कब्जा है. हमने कहा पुलिस की लैंड पर कब्जा हो गया. उस समय हमने डीजीपी से कहा कि यदि हम डीजीपी होते तो डंडा मारकर सही कर देते. हमने उस माफिया पर एफआईआर दर्ज कराई. एफआईआर होते ही उसने सरेंडर कर दिया.

पहले जर्जर बैरकों में कबाड़ के बीच सोते थे पुलिसकर्मी

आज कई जिले ऐसे हैं, जहां पर सर्वाधिक ऊंची बिल्डिंग पुलिस के बैरकों की है. पहले जर्जर बैरकों में कबाड़ के बीच पुलिसकर्मी सोते थे. बैरक देखने के बाद पुलिसवालों के घोड़े देखने गया तो हमें देखकर घोड़ा ही गिर पड़ा. सोचिए यदि उस पर मैं सवार होता तो उस घोड़े का क्या हाल होता? पहले कॉमन मैन सरकार की प्राथमिकता का हिस्सा नहीं था. आज हर जिले में पुलिस लाइन हैं. पहले पीएसी की 34 कंपनियां समाप्त कर दी गई थीं. हमने उन सभी को फिर खड़ा दिया. आज देश में कभी भी चुनाव होता है तो यूपी पीएसी की मांग होती है.

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