Highlights
- स्पर्श ग्लोबल बिजनेस स्कूल में पीजीडीएम बैच के नए सत्र का शुभारंभ हुआ.
- मुख्य अतिथि डॉ. दिनेश शर्मा ने छात्रों को बड़ा लक्ष्य तय कर मेहनत करने का संदेश दिया.
- उन्होंने कहा कि अच्छे विद्यालय का स्पर्श छात्र के जीवन को नई दिशा देता है.
- समय का महत्व, वाणी में संयम और भारतीय संस्कृति को जीवन में अपनाने पर जोर दिया.
- कार्यक्रम में शिक्षा, उद्योग और प्रशासन से जुड़े कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.
गौतमबुद्ध नगर/लखनऊ: राज्यसभा सांसद एवं यूपी के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि अच्छे विद्यालय के स्पर्श मात्र से छात्र का जीवन संवर जाता है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि वहां पर ज्ञान की अनुभूति होती है. छात्र जीवन का जोश अलग तरह का होता है. इसमें कुछ भी कर गुजरने का जज्बा होता है. जीवन में कुछ भी असंभव नहीं है. व्यक्ति जो कुछ भी करना चाहता है वह सब संभव है.
जीवन में प्रतिष्ठा के लिए हिम्मत का होना जरूरी
गौतमबुद्ध नगर के नॉलेज पार्क, ग्रेटर नोएडा स्थित राष्ट्र उच्च प्रबंधन शिक्षा को समर्पित स्पर्श ग्लोबल बिजनेस स्कूल में पीजीडीएम बैच के नवीन शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए सांसद डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि जीवन में प्रतिष्ठा के लिए हिम्मत का होना जरूरी है और प्रगति उसी की होती है जिसका विरोध होता है. आलोचक केवल प्रगति करने वालों के ही होते हैं. जीवन में समय का मूल्य समझना होगा. पहले के समय में आयु में बड़े लोगों का सम्मान होता था, पर समय के बदलाव के साथ अब आय में बड़े का सम्मान होने लगा है.
वाणी का संयम जीवन में सबसे अधिक महत्वपूर्ण
उन्होंने छात्रों से कहा कि जीवन में बड़ा लक्ष्य रखें और उसे पूरा करने के लिए कड़ा परिश्रम करें. पूर्व राष्ट्रपति कलाम भी जीवन में बड़ा सपना देखने और उसे पूरा करने के लिए मेहनत करने का संदेश देते थे. बड़ों की बात से सीख लेने की जरूरत है. वाणी का संयम जीवन में सबसे अधिक महत्वपूर्ण है. जीवन में वहम और अहम दोनों से बचना चाहिए.
वर्तमान सरकार देश में हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं के प्रयोग को दे रही बढ़ावा
डॉ. शर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार देश में हिन्दी और क्षेत्रीय भाषाओं के प्रयोग को बढ़ावा दे रही है. आने वाले समय में अंग्रेजी का प्रयोग कम होने लगेगा. भारत के त्योहार जोड़ने का काम करते हैं. अंग्रेजों ने भारत के हर तरह के ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने का काम किया था. व्यक्ति की संस्कृति और संस्कार उसे अलग ही पहचान देते हैं और इसे बनाए रखने की जरूरत है. जीवन में स्थान महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि पहचान महत्वपूर्ण होती है.
भारत के युवा की मेधा शक्ति का लोहा मान रही दुनिया
उन्होंने कहा कि समय के बदलाव ने दुनिया में भारत की पहचान बदल दी है. आज दुनिया भारत के युवा की मेधा शक्ति का लोहा मान रही है. इस अवसर पर उन्होंने छात्र-छात्राओं को राष्ट्र निर्माण, नैतिक नेतृत्व, नवाचार, उद्यमिता एवं उत्कृष्ट प्रबंधन कौशल के महत्व पर अपने विचार साझा किए. उन्होंने विश्वास जताया कि यह नवप्रवेशी बैच ज्ञान, संस्कार और समर्पण के साथ अपने उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करते हुए राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देगा.
कार्यक्रम में ये लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर प्रधान आयकर आयुक्त, उत्तराखंड I.R.S सुनीता सिंह, अध्यक्ष स्पर्श बिजनेस स्कूल शिशिर अग्रवाल, मैनेजिंग पार्टनर जीटी भारत राहुल कपूर, सीईओ अमित सक्सेना, रोशन अग्रवाल, अरुण केडिया, भारतीय ज्ञान परंपरा अभियान से जुड़े डीन जिंदल समूह पंकज गुप्ता एवं उपाध्यक्ष अखिल भारतीय गुर्जर महासभा सविंदर भाटी आदि उपस्थित रहे.

