Lucknow News: यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती आज अपना 70वां जन्मदिन मना रही हैं. अपने जन्मदिन पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए बसपा सुप्रीमो ने कहा कि सभी सरकारें बसपा द्वारा ही चलाई जा रही योजनाओं का नाम बदलकर चला रही हैं. उन्होंने कहा कि विरोधियों ने भ्रम फैलाकर बसपा को तोड़ने की कोशिश की है.
ब्राह्मणों को चोखा-बाटी नहीं, सम्मान चाहिए
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि कांग्रेस, बीजेपी सहित अन्य जातिवादी पार्टियां अलग-अलग हथकंडे अपना रही हैं. इनको मुंहतोड़ जवाब देकर यूपी में पांचवीं बार बसपा की सरकार बनानी है. उन्होंने कहा कि शीतकालीन सत्र में बीजेपी और कांग्रेस के विधायक अपनी उपेक्षा से नाराज होकर जुटे थे. बसपा ने ब्राह्मण को भागीदारी दी. ब्राह्मणों को किसी का चोखा बाटी नहीं चाहिए. ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य समाज का बसपा सरकार पूरा ध्यान रखेगी. बसपा ने हमेशा ही उनका सम्मान किया है. बसपा ऐसी पार्टी है, जिसने सभी जातियों और धर्मो का सम्मान किया है.
कांशीराम के मरने पर राष्ट्रीय शोक घोषित नहीं किया
सरकारों पर आरोप लगाते हुए मायावती ने कहा कि कांशीराम के मरने पर राष्ट्रीय शोक नहीं घोषित किया. उनकी उपेक्षा की गई. दूसरी जातियों के साथ मुस्लिम समाज के साथ अन्याय हो रहा. बसपा सरकार में दंगा फसाद नहीं हुआ. हमारी सरकार में यादवों का भी ध्यान रखा गया.
इस बार के विधानसभा चुनाव में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. वर्तमान में सभी समाज दुखी हैं और वह बसपा की सरकार चाह रहे हैं. इस बार गुमराह नहीं होना है. ईवीएम में धांधली और बेइमानी की चर्चा है. ये व्यवस्था कभी भी खत्म हो सकती है. एसआईआर की काफी शिकायतें है. इससे हमें सजग रहना होगा. गठबंधन से बसपा को नुकसान होता है. खासकर अपर कास्ट का वोट जातिवादी पार्टियों को मिलता है. तभी सारी पार्टियां हमसे गठबंधन चाहती हैं. भविष्य में बसपा सभी चुनाव अकेले लड़ेगी. आगे जब अपर कास्ट का वोट हमें मिलने का भरोसा हो जाएगा, तब गठबंधन करेंगे, लेकिन इसमें अभी बरसों लगेंगे.
हाल में शार्ट सर्किट होने से रोकी गई प्रेस कॉन्फ्रेंस
बसपा सुप्रीमो मायावती की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शार्ट सर्किट धुआ निकलने लगा. इससे हाल में अफरा-तफरी मच गई. इस पर प्रेस कॉन्फ्रेंस रोक दी गई और सुरक्षाकर्मी बसपा सुप्रीमो को बाहर लेकर चले गए.

