सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव के निधन के बाद शोक का माहौल है. प्रतीक के अंतिम संस्कार के बाद अब परिवार अस्थि विसर्जन के लिए आज हरिद्वार जाएगा. शुक्रवार को फूल चुनने की रस्म पूरी होने के बाद बीजेपी नेता अपर्णा यादव अपने पूरे परिवार के साथ हरिद्वार रवाना होंगी. वहां गंगा घाट पर विधि विधान से अस्थि विसर्जन किया जाएगा। पारिवारिक सूत्रों की माने तो अस्थि विसर्जन की तैयारियां अंतिम चरण में है. कुछ ही देर में अस्थि विसर्जन होगा।
बुधवार सुबह प्रतीक यादव का निधन हुआ था। गुरुवार दोपहर उनका अंतिम संस्कार लखनऊ के भैंसाकुंड धाम में हुआ। हिंदू परंपरा के अनुसार अगले दिन शुक्रवार को फूल चुनने की प्रकिया पूरी की गई। अब जल्द पूरा परिवार अस्थियों का विसर्जन करने के लिए हरिद्वार जाएगा।
हरिद्वार जाएंगे परिवार के करीबी सदस्य
अस्थि विसर्जन कार्यक्रम में परिवार के करीबी सदस्य शामिल रहेंगे. तेज प्रताप यादव, शिवपाल के बेटे आदित्य यादव और प्रतीक का साला अमन अस्थि लेकर हरिद्वार के लिए निकलेंगे. परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, अंतिम संस्कार के बाद अब धार्मिक परंपराओं के तहत उनकी अस्थियों का विसर्जन हरिद्वार में किया जाएगा. वहां गंगा घाट पर विधि-विधान से अस्थि विसर्जन किया जाएगा.

बुधवार को हुआ था प्रतीक का निधन
बता दें कि प्रतीक यादव का बुधवार की सुबह निधन हो गया था. उनके निधन की खबर से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में शोक की लहर दौड़ गई. वह समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के सौतेले भाई और बीजेपी नेता अपर्णा यादव के पति थे. हिंदू परंपरा के अनुसार अगले दिन फूल चुनने की प्रकिया पूरी की गई. जिसके बाद पूरा परिवार अस्थियों का विसर्जन करने के लिए हरिद्वार जाएगा.
प्रतीक के शरीर पर मिले थे चोट के कई निशान
गौरतलब है कि प्रतीक यादव को बुधवार तड़के उनका ड्राइवर सिविल हॉस्पिटल ले आया था। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके शरीर पर चोट के कई निशान मिले थे। बताया जा रहा है कि उनको फेफड़ों से लेकर भी कुछ दिक्कत थी जिसका इलाज चल रहा था। कुछ दिन पहले उनको मेदांता में भी भर्ती कराया गया था।

लखनऊ में नहीं मौजूद थीं अपर्णा यादव
जिस समय प्रतीक यादव का निधन हुआ, उस दौरान यूपी राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव लखनऊ में नहीं थीं. वह असम के मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में गई थीं. जैसे ही उनको पति के निधन की सूचना मिली, वह कुछ घंटे में लौट आईं.

